Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 04 Nov 2025, 10:48 am
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से शिक्षण सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के बाद देशभर के शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। इसके विरोध में शिक्षक संगठनों ने नवंबर-दिसंबर में दिल्ली कूच का ऐलान किया था। हालांकि, नवंबर के अंत में होने वाले एक बड़े राष्ट्रीय आयोजन के कारण अब यह कार्यक्रम टल गया है। इसी वजह से नौ राज्यों के शिक्षक संगठनों से जुड़ी टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) ने अब 5 दिसंबर को दिल्ली कूच करने की तैयारी कर ली है।
टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि संगठन की हाल ही में दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बैठक हुई थी, जिसके बाद 21 नवंबर को जंतर-मंतर पर महारैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन नवंबर के अंत में सिख समाज का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम निर्धारित है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। इसी कारण दिल्ली प्रशासन ने उस अवधि में किसी अन्य रैली या प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसे देखते हुए अब 5 दिसंबर को महारैली आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि दिल्ली रैली को सफल बनाने के लिए देशभर में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस महारैली का मुख्य उद्देश्य 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग उठाना है, जिससे लाखों शिक्षकों को राहत मिल सके।
इधर अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा भी 24 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में है। मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि इस प्रदर्शन में केवल उत्तर प्रदेश से ही दो लाख से अधिक शिक्षक शामिल होंगे। इसके लिए सभी राज्यों में अभियान चलाया जा रहा है। संगठन का आरोप है कि टीईटी को लागू करने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर इसे थोपना अनुचित है और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
दिल्ली में होने वाले आगामी धरना प्रदर्शन व आंदोलन
- 24 नवंबर: अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा का जंतर मंतर पर प्रदर्शन
- 25 नवंबर: अटेवा का दिल्ली कूच (पुरानी पेंशन और टीईटी मुद्दे पर)
- 5 दिसंबर: टीएफआई की महारैली
- 11 दिसंबर: अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ का धरना