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Hindi Now Uttar Pradesh • 23 Jan 2026, 07:11 pm
लखीमपुर खीरी के पलिया के थारू क्षेत्र में बाघ के हमले में चार साल के मासूम अराध्यम की दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद विधायक रोमी साहनी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। वह लखनऊ से सीधे पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। वहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही उन्होंने सरकार से भी हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। उनसे मिलने के बाद पीड़ित परिवार के लोग बेहद भावुक नजर आए और विधायक के इस कदम पर उनका आभार जताया।
खेत में माता-पिता के साथ गया था अराध्यम, बाघ ने किया हमला
जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले थारू परिवार के चार वर्षीय बच्चे अराध्यम पुत्र राधे की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। अराध्यम के माता-पिता खेतों में मजदूरी करते हैं। रोज की तरह उस दिन भी दोनों खेत में काम करने गए थे और अराध्यम उनके साथ ही था। इसी दौरान अचानक जंगल की ओर से आए बाघ ने बच्चे पर हमला कर दिया। परिजन और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बाघ बच्चे को उठाकर ले गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और वन विभाग तथा प्रशासन को सूचना दी गई। काफी प्रयासों के बाद बच्चे का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे विधायक, बंधाया ढांढस
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक रोमी साहनी लखनऊ से सीधे ग्राम परसिया पहुंचे, जहां मृतक बच्चे का परिवार रहता है। उन्होंने मासूम अराध्यम के माता-पिता और परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। विधायक ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इस दुख की घड़ी में अकेले नहीं हैं। विधायक ने थारू बच्चे की मां अनीता को 50 हजार रुपये की नकद सहायता प्रदान की, ताकि परिवार को तत्काल राहत मिल सके।
सरकार से मुआवजा और सुरक्षा के इंतजाम का आश्वासन
विधायक रोमी साहनी ने कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से सरकार के समक्ष रखेंगे और पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग और प्रशासन को निर्देश दिए जाएंगे कि क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। विधायक ने ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और बच्चों को अकेले खेतों या जंगल की ओर न भेजने की अपील की।
थारू क्षेत्र में दहशत, वन विभाग पर उठे सवाल
इस घटना के बाद थारू क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बाघों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि गश्त बढ़ाई जाए और बाघ को आबादी से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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