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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 19 Nov 2025, 01:51 pm
शाहजहांपुर के अल्हागंज थाना क्षेत्र में हुल्लापुर गांव के पास मंगलवार रात करीब 11 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। रामगंगा नदी पर बने पुल की रेलिंग तोड़कर गन्ने से भरा ट्रक नदी में गिर गया। हादसे की रात राहगीरों ने पुल की टूटी रेलिंग देखकर किसी वाहन के गिरने की आशंका जताई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गहरी नदी में वाहन की तलाश देर रात तक चलती रही, लेकिन ट्रक का कोई सुराग नहीं मिला। नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण तलाश में काफी दिक्कतें आईं। बुधवार सुबह तक भी ट्रक का पता नहीं चल पाया था।
रात में मिले संकेतों के आधार पर अनुमान लगाया गया कि भारी वाहन ही रेलिंग तोड़ सकता है। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर ट्रक को ढूंढ़ने की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई और अंधेरा बाधा बना रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ जलालाबाद अजय राय और नायब तहसीलदार रोहित कटियार भी रात में मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बुधवार सुबह गोताखोरों को नदी में उतारकर तलाश दोबारा शुरू की गई। इसी दौरान एक अप्रत्याशित मोड़ आया, जब ट्रक चालक खुद घटनास्थल पर पहुंच गया। उसकी मौजूदगी और पूछताछ ने पुलिस को चौंका दिया।
ट्रक चालक राजपाल ने पुलिस को बताया कि वह बदायूं से रूपापुर चीनी मिल की ओर जा रहा था। रास्ते में ट्रक का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सीधे पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे नदी में जा गिरा। हादसे में वह भी ट्रक के साथ नदी में गिर पड़ा। राजपाल ने बताया कि उसे तैरना नहीं आता, फिर भी उसने किसी तरह गोते लगाते हुए खुद को बाहर निकाला और नदी किनारे पहुंचा। वह पूरी तरह घबराया हुआ था और ठंड से कांप रहा था।
किनारे पहुंचने के बाद वह पास के एक मंदिर में गया, जहां मौजूद साधु ने आग जलाकर उसे गर्माहट दी। पूरी रात वह मंदिर में ही रुका और सुबह होने पर घटनास्थल पर वापस आया। राजपाल के बयान के बाद पुलिस ने गोताखोरों के जरिए ट्रक की तलाश तेज कर दी है, लेकिन सुबह 11 बजे तक भी वाहन का पता नहीं चल सका था। प्रशासन पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और नदी में खोज अभियान जारी है।
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