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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Apr 2026, 10:48 am
उत्तर प्रदेश में रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला, जब योगी सरकार ने 40 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में 15 जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं और 12 महिला अफसरों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का यह फैसला आगामी चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक कसावट को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है। कई बड़े पदों पर भी बदलाव किए गए हैं, जिनमें परिवहन विभाग, ऊर्जा विभाग और औद्योगिक विकास विभाग शामिल हैं। खास बात यह है कि कुछ अफसरों को पदोन्नति के साथ नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ को विवादों के चलते हटाया गया है। इस व्यापक तबादला सूची को लंबे मंथन के बाद जारी किया गया है, जिससे साफ है कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर बड़ा संतुलन बनाने की कोशिश में है।
किन बड़े अफसरों पर गिरी गाज?
इस फेरबदल में कई बड़े नामों पर असर पड़ा है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को उनके पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को अभी सात महीने ही हुए थे, लेकिन मंत्री से विवाद के बाद यह फैसला लिया गया। वहीं, पंकज कुमार को भी पद से हटा दिया गया है और फिलहाल उन्हें कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है। औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार से भी एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।
परिवहन विभाग में नया चेहरा और बड़े बदलाव
हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया है। सरकार ने इस विभाग में स्थिरता और बेहतर कामकाज के लिए यह बदलाव किया है। परिवहन विभाग में पिछले कुछ समय से चल रहे विवादों और आरोपों के चलते यह बदलाव अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नए नेतृत्व से विभाग में कामकाज की रफ्तार बढ़ेगी और लंबित मामलों का समाधान तेजी से होगा।
इन जिलों के DM बदले, कई को नई जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने 8 जिलाधिकारियों को एक जिले से हटाकर दूसरे जिले की जिम्मेदारी दी है। दुर्गा शक्ति नागपाल को पदोन्नति देकर मंडलायुक्त बनाया गया है, जबकि अरविंद मलप्पा बंगारी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है। श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का एमडी बनाया गया है। इसके अलावा कई अन्य जिलाधिकारियों को विभिन्न विभागों में भेजा गया है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव आया है।
पहली बार DM बने 7 अफसर, नई जिम्मेदारियां
इस फेरबदल में 7 आईएएस अफसरों को पहली बार जिलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें बृजेश कुमार, आलोक कुमार, अभिषेक गोयल, इंद्रजीत सिंह, अन्नपूर्णा गर्ग, नितिन गौर और शरनजीत कौर शामिल हैं। सरकार ने इन अफसरों को जमीनी स्तर पर प्रशासनिक अनुभव देने के लिए जिलों की कमान सौंपी है।
क्यों किए गए इतने बड़े तबादले?
सरकार के इस फैसले के पीछे कई वजहें सामने आई हैं। कई जिलों में अधिकारी दो से तीन साल से तैनात थे, जिन्हें बदलना जरूरी हो गया था। इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनाव और आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए भी यह कदम उठाया गया है। प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह व्यापक फेरबदल किया गया है।
आगे क्या असर पड़ेगा?
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव का असर आने वाले समय में जिलों के कामकाज और विकास परियोजनाओं पर देखने को मिल सकता है। नए अधिकारियों के आने से कार्यशैली में बदलाव आएगा और कई लंबित योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और जनता से जुड़े कामों को तेजी से पूरा किया जाए।