यूपी में पेट्रोल पंपों पर एक बार फिर लगी लंबी लाइनें, कई जिलों में ईंधन संकट जैसे हालात, मंत्री बोले- परेशान मत होइए, कमी नहीं

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 20 May 2026, 02:37 pm
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यूपी के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। महराजगंज, गोरखपुर, बस्ती और सोनभद्र समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं। प्रशासन ने सीमित मात्रा में ईंधन देने के निर्देश जारी किए हैं, जबकि सरकार ने पर्याप्त स्टॉक होने क

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। बुधवार को लगातार दूसरे दिन कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, बस्ती, बलिया और सोनभद्र समेत कई जिलों में कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया। हालात ऐसे हैं कि लोग देर रात और तड़के सुबह से ही लाइन में लग रहे हैं। कई जगह लोग गैलन और बड़े-बड़े डिब्बे लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि तेल कंपनियों और प्रशासन का दावा है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई लगातार जारी है। इसके बावजूद लोगों में डर और जमाखोरी की वजह से स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है। कई जिलों में सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है।


महराजगंज-बस्ती में सबसे ज्यादा असर, सीमित मात्रा में मिल रहा तेल

महराजगंज में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। यहां 149 पेट्रोल पंपों में से सिर्फ 20 पंपों पर ही ईंधन उपलब्ध है। किसान और आम लोग रात से ही लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। तेजू यादव नाम के किसान ने बताया कि वह सुबह 4 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन अब तक तेल नहीं मिला। वीर बहादुर मौर्य ने कहा कि पंपों को बीच-बीच में बंद भी किया जा रहा है। बस्ती में स्थिति संभालने के लिए प्रशासन ने बाइक चालकों को सिर्फ 200 रुपए और कार चालकों को 1000 रुपए तक का ही पेट्रोल-डीजल देने का फैसला लिया है। गोरखपुर के धर्मशाला स्थित भारत पेट्रोल पंप पर भी भारी भीड़ रही, जहां लोगों को सिर्फ 500 रुपए तक का ईंधन दिया जा रहा है। सोनभद्र और देवरिया में भी डीजल की भारी किल्लत की शिकायतें सामने आई हैं।


जज पैदल और साइकिल से पहुंचे कोर्ट, लोगों से ईंधन बचाने की अपील

ईंधन संकट के बीच कई जिलों में अलग तस्वीरें भी देखने को मिलीं। गोंडा में जिला जज दुर्ग नारायण सिंह सरकारी गाड़ी छोड़ पैदल ही कचहरी पहुंचे। वहीं चित्रकूट में फैमिली कोर्ट के जज राकेश कुमार यादव साइकिल से कोर्ट पहुंचे और लोगों से ईंधन बचाने की अपील की। बलिया में किसान ट्रैक्टर के लिए डीजल लेने के लिए तीन-तीन दिन से पेट्रोल पंपों के चक्कर काट रहे हैं। कई पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि पहले जहां जरूरत के हिसाब से टैंकर मिल जाते थे, अब एक सप्ताह में सिर्फ एक-दो टैंकर ही पहुंच पा रहे हैं। इससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।


सरकार बोली- घबराएं नहीं, पर्याप्त है स्टॉक

खाद्य एवं रसद नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जरूरत के हिसाब से ही तेल भरवाएं और जमाखोरी से बचें। मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक हालात की वजह से दबाव बना है, लेकिन प्रदेश में सप्लाई सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक टर्मिनलों और डिपो से लगातार पेट्रोल पंपों तक सप्लाई भेजी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बाद आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। इसका असर मालभाड़ा, खेती, परिवहन और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।


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