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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 05 Mar 2026, 11:57 am
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग गुरुवार को छठे दिन में पहुंच गई है। ईरान पर अमेरिकी हमले के 100 घंटे पूरे हो चुके हैं और अब तक इस संघर्ष में 1 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के करीब 20 जहाजों को निशाना बनाकर डुबो दिया है। वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट के नौ देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इसी दौरान इजराइल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित बेद्दावी फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर भी हमला किया, जिसे उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा शरणार्थी कैंप माना जाता है। लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है और कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
ईरान की चेतावनी, डिमोना न्यूक्लियर सेंटर बन सकता है निशाना
जंग के बीच ईरान ने इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं, तो ईरान इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है। ईरानी न्यूज एजेंसी ISNA के मुताबिक अधिकारी ने कहा कि दक्षिणी इजराइल में स्थित इस परमाणु केंद्र पर हमला किया जा सकता है। दूसरी ओर इजराइल भी लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। इजराइली सेना के प्रवक्ता अवीचाय अदरई ने बताया कि वायुसेना ने कोम शहर में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को नष्ट कर दिया, जो इजराइल पर हमला करने की तैयारी में था। इसके अलावा इस्फहान में एक एयर डिफेंस सिस्टम को भी तबाह कर दिया गया।
श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत डुबाया, 87 नौसैनिकों की मौत
जंग के दौरान अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत को भी निशाना बनाया है। श्रीलंकाई सरकार के मुताबिक अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ को श्रीलंका के पास हमला कर डुबो दिया। इस हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से हमला कर जहाज को डुबो दिया। जहाज पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे, जिनमें से 32 घायल नौसैनिकों को श्रीलंका की नेवी ने बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया है। यह युद्धपोत पिछले महीने विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था। घटना दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील दूर हुई।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, उड़ानों पर असर
जंग का असर पूरे मिडिल ईस्ट में देखने को मिल रहा है। दुबई में पिछले पांच दिनों से फंसे हजारों यात्री अब धीरे-धीरे अपने घर लौट रहे हैं। दुबई एयरपोर्ट्स ने सीमित संख्या में उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं, जिनमें पहले से बुकिंग कराने वाले यात्रियों को प्राथमिकता दी जा रही है। कतर एयरवेज ने भी मस्कट और रियाद से विशेष राहत उड़ानें चलाने की घोषणा की है, ताकि क्षेत्रीय तनाव के कारण फंसे यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। हालांकि दोहा से कतर एयरवेज की नियमित उड़ानें फिलहाल बंद हैं, क्योंकि कतर का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है। अधिकारियों का कहना है कि हवाई क्षेत्र खुलने के बाद ही सामान्य उड़ान सेवाएं बहाल की जाएंगी।
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