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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 08 Jan 2026, 01:19 pm
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया। विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने उनके निधन की पुष्टि की। लंबे समय से बीमार चल रहे गोंड की दोनों किडनी खराब हो गई थीं, जिसके चलते उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आदिवासी राजनीति में गोंड का योगदान
प्रदेश की 403वीं अंतिम विधानसभा सीट दुद्धी से विधायक विजय सिंह गोंड को आदिवासी राजनीति का ‘पितामह’ माना जाता था। उनके निधन से सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। गोंड आदिवासी समाज की आवाज बुलंद करने वाले अग्रणी नेताओं में शुमार थे। उन्होंने दुद्धी और ओबरा विधानसभा को अनुसूचित जनजाति की सीट घोषित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। 1979 में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर वनवासी सेवा आश्रम में कार्यरत रहते हुए उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। 1989 में अपने राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को हराकर उन्होंने आदिवासी राजनीति में नया अध्याय लिखा। विभिन्न दलों से होते हुए गोंड आठ बार विधानसभा के सदस्य रहे और सदन में आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाते रहे।
राजनीतिक और सामाजिक शोक
विजय सिंह गोंड के निधन से राजनीतिक, सामाजिक और आदिवासी समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रहे हैं। उनके योगदान से आदिवासी समाज को मुख्यधारा में मजबूत पहचान मिली और उनका नाम हमेशा आदिवासी राजनीति में याद किया जाएगा।
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