बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक आज, अमित शाह कोलकाता पहुंचे, चुनेंगे पहला मुख्यमंत्री, कल शपथ ग्रहण समारोह

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 08 May 2026, 01:17 pm
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पश्चिम बंगाल में BJP सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। अमित शाह कोलकाता पहुंचे हैं और आज विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला हो सकता है।

पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी सरकार गठन की तैयारियों में पूरी तरह जुट गई है। गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, राहुल सिन्हा और सुकांत मजूमदार समेत कई नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलने के बाद अमित शाह सीधे दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे न्यू टाउन स्थित नोवोटेल होटल पहुंचे, जहां भाजपा नेताओं के साथ लगातार बैठकें हुईं। आज दोपहर 2 बजे न्यू टाउन के बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में भाजपा विधायक दल की अहम बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में भाजपा के सभी 207 नवनिर्वाचित विधायक शामिल होंगे। बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा, जो पश्चिम बंगाल का पहला भाजपा मुख्यमंत्री बनेगा। भाजपा ने इस प्रक्रिया के लिए अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पर्यवेक्षक बनाया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सुवेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। साथ ही वे नंदीग्राम सीट से भी लगातार दूसरी बार चुनाव जीत चुके हैं।


भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद बदला सियासी माहौल

4 मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। वहीं तृणमूल कांग्रेस सिर्फ 80 सीटों तक सिमट गई। हालांकि फालता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है और उसका परिणाम 24 मई को घोषित किया जाएगा। भाजपा की इस बड़ी जीत के बाद राज्य की राजनीति में लगातार हलचल बनी हुई है। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में एक जननेता मुख्यमंत्री बनेगा और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा होगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का वर्षों का राजनीतिक संघर्ष अब सफल हो गया है। दूसरी ओर ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनादेश से नहीं बल्कि साजिश से हारी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाएंगी। ममता ने चुनाव आयोग पर भी भाजपा के साथ मिलकर सीटें प्रभावित करने का आरोप लगाया। वहीं TMC सांसद सौगत रॉय ने विधानसभा भंग किए जाने को अलोकतांत्रिक कदम बताया और कहा कि पार्टी जल्द आधिकारिक प्रतिक्रिया देगी।


PA हत्याकांड और राजनीतिक तनाव से गरमाया माहौल

सरकार गठन से पहले राज्य में राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है। 6 मई को मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी स्कॉर्पियो को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस घटना के बाद भाजपा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं 7 मई को राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया, जिसके बाद ममता कैबिनेट के मंत्रियों की शक्तियां समाप्त हो गईं। इधर हावड़ा के शिवपुर स्थित चौराबस्ती इलाके में भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच कथित झड़प के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। अब सबकी निगाहें भाजपा विधायक दल की बैठक और नए मुख्यमंत्री के ऐलान पर टिकी हैं।


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