यूपी एटीएस की जांच में बड़ा खुलासा, पांच महीने से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे संदिग्ध आतंकी, खातों में आती थी रकम

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 08 May 2026, 11:54 am
news-banner

बाराबंकी और गोरखपुर से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों के पाकिस्तानी हैंडलर्स और आईएसआई एजेंट्स से संपर्क होने का खुलासा हुआ है। एटीएस के मुताबिक दोनों रक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी और वर्दीधारियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।

उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा बाराबंकी और गोरखपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पिछले करीब पांच महीने से पाकिस्तानी हैंडलर्स और आईएसआई एजेंट्स के संपर्क में थे। एटीएस के मुताबिक, आरोपियों को पाकिस्तान से रकम भी भेजी गई थी। अब जांच एजेंसी सोशल मीडिया और बैंक ट्रांजेक्शन से मिले सबूतों की तस्दीक कर रही है और जल्द कोर्ट में कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी।


रक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी और वर्दीधारियों को निशाना बनाने की साजिश

एटीएस ने बाराबंकी निवासी दानियाल अशरफ और कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा को गिरफ्तार किया था। बुधवार को एजेंसी ने खुलासा किया कि दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स शहजाद भट्टी और आईएसआई एजेंट्स के संपर्क में थे। जांच एजेंसी का दावा है कि उनके कहने पर आरोपी रक्षा प्रतिष्ठानों समेत कई संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे। एटीएस के अनुसार, दोनों वर्दीधारियों की हत्या की साजिश भी रच रहे थे। जांच में उनके बैंक खातों में संदिग्ध पैसों के लेनदेन के सबूत मिले हैं। रकम ज्यादा नहीं थी, लेकिन एजेंसी का कहना है कि यह पैसा पाकिस्तान से भेजा गया था। फिलहाल एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को हथियार किसने उपलब्ध कराए और उनके निशाने पर कौन-कौन लोग थे।


100 से ज्यादा युवाओं को भेजे देश विरोधी मैसेज

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। एटीएस को मिले इनपुट के मुताबिक, दोनों ने अपने स्तर से सौ से अधिक युवाओं को देश विरोधी वीडियो और मैसेज भेजे थे। एजेंसी अब उन सभी लोगों की जानकारी जुटा रही है, जो इन आरोपियों के संपर्क में थे। बताया गया कि आरोपी कृष्णा मिश्रा सोनीपत में एक जींस की दुकान पर काम करता था, जबकि दानियाल अशरफ ज्वैलरी शॉप में नौकरी करता था। एटीएस का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।


यह भी पढ़ें- अमेरिका ने सीजफायर तोड़कर फिर की बमबारी, कहा- डील नहीं तो सीजफायर नहीं, और करेंगे हमले, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

advertisement image