अमेरिका ने सीजफायर तोड़कर फिर की बमबारी, कहा- डील नहीं तो सीजफायर नहीं, और करेंगे हमले, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 08 May 2026, 11:07 am
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अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमलों के आरोप लगाए हैं। संकट के चलते तेल कीमतों में उछाल आया है और खाड़ी क्षेत्र में हजारों जहाज फंस गए हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि सीजफायर जैसे माहौल के बीच अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी तेल टैंकरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई जास्क के पास ईरानी समुद्री क्षेत्र में हुई। इसके बाद ईरान ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब देने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी छोटी नावों और सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया। ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। इस बढ़ते टकराव के कारण पूरी दुनिया की नजरें अब होर्मुज स्ट्रेट पर टिक गई हैं, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है।


होर्मुज संकट से वैश्विक बाजार और समुद्री व्यापार प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने बताया कि होर्मुज संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में करीब 1500 जहाज फंस गए हैं, जिनमें लगभग 20 हजार नाविक मौजूद हैं। तेल, गैस और सप्लाई चेन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी तेजी के साथ ऊपर गया। युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले तेल की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट भी बढ़ा दिया गया है। यूएई ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। यूएई सरकार ने ईरानी हमलों का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए राष्ट्रीय कमेटी बनाने का भी फैसला लिया है।


30 दिन के अस्थायी समझौते पर जारी बातचीत

तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच 30 दिन के अस्थायी समझौते पर बातचीत भी चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश संघर्ष रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को व्यावसायिक जहाजों के लिए खोलने पर चर्चा कर रहे हैं। इसी दौरान स्थायी समझौते को लेकर वार्ता जारी रखने की योजना है। हालांकि सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन को लेकर बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का नियंत्रण छोड़े और कुछ परमाणु सुविधाएं बंद करे। वहीं ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह अपने यूरेनियम भंडार का एक हिस्सा कमजोर करेगा और बाकी किसी तीसरे देश को सौंप सकता है। इस बीच इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच भी संघर्ष तेज हो गया है। इजराइल ने हिजबुल्लाह के कई कमांडरों को मार गिराने का दावा किया है, जबकि जवाब में लेबनान सीमा पर हमले बढ़ गए हैं। ऐसे में मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और दुनिया संभावित बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका से चिंतित है।


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