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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 18 May 2026, 11:28 am
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के आठ दिन बाद नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। सरकार में शामिल किए गए छह नए और दो प्रोन्नत राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग दिया गया है, जिसे सरकार का प्राथमिकता वाला विभाग माना जाता है। इससे पहले यह विभाग राकेश सचान के पास था। अब राकेश सचान के पास खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग रहेंगे। वहीं, राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा का समर्थन करने वाले मनोज कुमार पांडेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। यह विभाग अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास था। विभागों के बंटवारे के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के पास अहम विभाग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास नियुक्ति, कार्मिक, गृह, सतर्कता, आवास एवं शहरी नियोजन, राजस्व, लोक निर्माण, सूचना और नागरिक उड्डयन समेत कई अहम विभाग बने रहेंगे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण और खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं ब्रजेश पाठक के पास चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग रहेंगे। वित्त एवं संसदीय कार्य विभाग सुरेश कुमार खन्ना के पास रहेगा, जबकि स्वतंत्र देव सिंह को जल शक्ति और बाढ़ नियंत्रण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने विभागों का बंटवारा करते समय संगठन और राजनीतिक समीकरणों को भी संतुलित करने की कोशिश की है।
नए मंत्रियों को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) में नितिन अग्रवाल को आबकारी एवं मद्य निषेध विभाग, कपिल देव अग्रवाल को व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास और संदीप सिंह को बेसिक शिक्षा विभाग दिया गया है। वहीं असीम अरुण को समाज कल्याण और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग सौंपा गया है। राज्य मंत्रियों में मयंकेश्वर शरण सिंह, दिनेश खटीक, संजीव गोंड, बृजेश सिंह और दानिश आजाद अंसारी समेत कई नेताओं को विभिन्न विभागों में जिम्मेदारियां दी गई हैं। सरकार का दावा है कि नए विभागीय बंटवारे से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
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