यूपी में भीषण गर्मी का कहर, 33 जिलों में लू का अलर्ट जारी, पारा 46.4°C पहुंचा, मौसम विभाग की चेतावनी- दोपहर में घर से न निकलें

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 18 May 2026, 12:10 pm
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उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ रहा है। 33 जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है। कई शहरों में तापमान 46 डिग्री पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जबकि मानसून 18 जून के आसपास आने की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुंदेलखंड समेत प्रदेश के कई जिले भीषण लू और तेज धूप की चपेट में हैं। सोमवार सुबह से ही लगभग सभी जिलों में चिलचिलाती धूप निकली, जिससे लोगों को उमस और बेचैनी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने प्रदेश के 33 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सभी जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों के इलाज के लिए विशेष इंतजाम करने और सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।


बांदा सबसे गर्म, कई शहरों में पारा 44 डिग्री पार

पिछले 24 घंटे में बांदा प्रदेश ही नहीं, देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। झांसी में 44.6°C, प्रयागराज में 44.5°C और हमीरपुर में 44.2°C तापमान दर्ज किया गया। प्रयागराज में लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए अस्तबलों में कूलर लगाए गए, जबकि कानपुर में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया। गोरखपुर चिड़ियाघर में हाथियों को बार-बार नहलाया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 19 से 23 मई तक तापमान में 3 से 4 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। कई जिलों में पारा 47 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। वाराणसी, आगरा और लखनऊ में भीषण गर्म हवाओं के चलते लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।


मानसून की एंट्री 18 जून के आसपास, लेकिन बारिश कम होने के संकेत

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है और 18 जून के करीब गोरखपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है। हालांकि, इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि प्रशांत महासागर में ला नीना की स्थिति खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ रही है, जिससे कम बारिश होने की संभावना है। जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी का असर भी मानसून पर पड़ सकता है। पिछले साल यूपी में सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी, लेकिन इस बार कम वर्षा के संकेत हैं। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में तेज गर्मी और लू का असर बना रहेगा।


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