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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 30 Dec 2025, 04:01 pm
दिल्ली की सियासत में एक बार फिर शिक्षा को लेकर घमासान मच गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से पढ़ाने का काम छोड़कर अब आवारा कुत्तों की गिनती कराई जा रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DOE) ने इस संबंध में बाकायदा आदेश जारी किया है और शिक्षकों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। इसे लेकर AAP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी सरकार को घेरा और इसे शिक्षकों का अपमान बताया। AAP नेताओं का कहना है कि अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में शिक्षकों से सिर्फ पढ़ाई का काम लिया जाता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बजाय उसे कमजोर करने में जुटी है। इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद के बयान को भी AAP ने निशाने पर लिया और कहा कि या तो उन्हें अपने ही विभाग के फैसलों की जानकारी नहीं है या फिर शिक्षा विभाग कोई और चला रहा है।
DOE के आदेश का दावा, शिक्षकों की ड्यूटी लिस्ट जारी
AAP विधायक संजीव झा ने कहा कि 20 नवंबर को दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती के काम में लगाया। इसके साथ ही उन शिक्षकों की सूची भी जारी की गई, जिनकी इस काम के लिए ड्यूटी लगाई गई है। संजीव झा का आरोप है कि यह फैसला न केवल शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी सीधा असर डालने वाला है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली में शिक्षा का एक मजबूत और सराहनीय मॉडल खड़ा किया था। उसी मॉडल की बदौलत सरकारी स्कूलों की हालत सुधरी और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिली। अब बीजेपी सरकार उसी व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म करने पर तुली हुई है। AAP का कहना है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाना शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने जैसा है।
‘पहले ट्रेनिंग, अब कुत्तों की गिनती’—AAP का तंज
AAP नेता कुलदीप कुमार ने भी बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार के समय अखबारों में शिक्षकों की विदेशों में ट्रेनिंग की खबरें छपती थीं। उस दौर में बच्चों और शिक्षकों की बेहतरी सरकार की प्राथमिकता थी। वहीं, अब बीजेपी सरकार के दौरान सुर्खियों में यह खबर आ रही है कि शिक्षकों से आवारा कुत्तों की गिनती कराई जा रही है। कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा मंत्री को शिक्षा व्यवस्था से ज्यादा शिक्षा माफियाओं की चिंता है। उन्होंने कहा कि AAP ने दिल्ली में शिक्षा सुधार के लिए वर्षों तक मेहनत की और इसमें सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान रहा। अब उन्हीं शिक्षकों से ऐसे काम कराना दुर्भाग्यपूर्ण है। AAP ने साफ कहा है कि वह इस फैसले को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देगी और जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक विरोध करेगी।
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