यूपी से आई हैरान करने वाली खबर, सेक्सुअल डिसआर्डर से पीड़ित युवक ने मलाशय में डाली एक लीटर की बोतल, डॉक्टरों ने एक घंटे सर्जरी कर बचाई जान

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Mar 2026, 05:54 pm
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आगरा में एक युवक ने अपने मलाशय में एक लीटर की बोतल डाल ली, जो अंदर फंस गई। असहनीय दर्द के बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब एक घंटे की सर्जरी के बाद बोतल निकाली गई और चार दिन इलाज के बाद छुट्टी दी गई।

आगरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद के मलाशय में एक लीटर की बोतल डाल ली। बोतल अंदर फंसने के बाद युवक करीब 36 घंटे तक दर्द से तड़पता रहा और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया। वह कमरे में एक ही जगह लेटा रहा और असहनीय दर्द झेलता रहा। जब परिवार के लोगों ने उसे रोते हुए और दर्द से कराहते देखा तो तुरंत उसे पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जांच की और एक्स-रे कराया। एक्स-रे रिपोर्ट में मल द्वार के पास बोतल फंसी हुई दिखाई दी। इसके बाद डॉक्टरों ने युवक को तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू किया और सर्जरी की तैयारी की।


करीब एक घंटे की सर्जरी के बाद निकाली गई बोतल

जानकारी के मुताबिक साकेत कॉलोनी में रहने वाला 38 वर्षीय युवक शादीशुदा है और अपना कारोबार करता है। असहनीय दर्द के चलते उसे नवदीप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के निदेशक और वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि एक्स-रे में बोतल फंसी होने की पुष्टि होने के बाद तुरंत इमरजेंसी में ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि बोतल निकालते समय मलाशय को कोई गंभीर नुकसान न पहुंचे। करीब एक घंटे दस मिनट चली सर्जरी के बाद डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक बोतल बाहर निकाल ली। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. दीपक, डॉ. भुवेश, राजेंद्र, गजेंद्र, शादाब और रोहतांग शामिल रहे।


चार दिन इलाज के बाद युवक को मिली छुट्टी

ऑपरेशन के बाद युवक को अस्पताल में चार दिन तक निगरानी में रखा गया। इस दौरान सिग्मोइडोस्कोपी के जरिए मलाशय की जांच की गई और घाव भरने तक इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने बताया कि अब युवक की हालत सामान्य है और उसे किसी तरह की परेशानी नहीं है। रविवार को जांच के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के मुताबिक युवक साइको सेक्सुअल डिसऑर्डर एनल इरोटिसिम से पीड़ित है, जिसमें कुछ लोगों को गुदा क्षेत्र में स्पर्श या बाहरी वस्तु से उत्तेजना महसूस होती है।


विशेषज्ञ बोले—काउंसिलिंग से मिल सकती है राहत

लखनऊ के मनोचिकित्सक डॉ. सुमित कुमार के अनुसार इस तरह की स्थिति को साइको सेक्सुअल डिसऑर्डर एनल इरोटिसिम कहा जाता है। इससे पीड़ित कुछ लोग खुद ही बाहरी वस्तुएं शरीर में डाल लेते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य खतरे भी हो सकते हैं। ऐसे मामलों में काउंसिलिंग और मनोवैज्ञानिक इलाज की जरूरत होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी आदतों से संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए समय पर इलाज और परामर्श लेना जरूरी है।

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