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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Mar 2026, 05:45 pm
लखनऊ में डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। वह मास्क लगाकर चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और मरीजों के साथ लाइन में खड़े होकर पर्ची कटवाई। इस दौरान अस्पताल में मौजूद किसी भी व्यक्ति ने उन्हें पहचान नहीं पाया। पर्ची लेने के बाद वह सीधे ओपीडी में डॉक्टर के पास पहुंचे और बीमारी बताने के बजाय अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में सवाल पूछने लगे। बातचीत के दौरान डॉक्टर ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद डिप्टी सीएम बाहर निकल आए और अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण शुरू कर दिया। करीब 54 मिनट तक चले इस निरीक्षण में उन्होंने मरीजों से बातचीत की और स्वास्थ्यकर्मियों से भी कई सवाल पूछे।
बेड पर चादर नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम को अस्पताल में कई तरह की अव्यवस्थाएं मिलीं। जनरल वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं बिछी थी और आसपास गंदगी भी दिखाई दी। यह देखकर वह नाराज हो गए और जिम्मेदार कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ने चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठीक नहीं होगी, तब तक जिम्मेदार अधिकारी घर नहीं जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश भी दिए।
पैथोलॉजी और एक्स-रे विभाग में भी मिली खामियां
निरीक्षण के दौरान वह पैथोलॉजी विभाग भी पहुंचे, जहां मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी। उन्होंने टेक्नीशियन से पूछा कि एक मरीज का ब्लड सैंपल लेने में कितना समय लगता है और जांच प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े। इसके बाद उन्होंने एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल-मिट्टी देखी और तुरंत सफाई कराने को कहा। वहां रखी अलमारी खोलकर उन्होंने दवाओं और उपकरणों का स्टॉक भी जांचा। ओपीडी कक्ष में डॉक्टरों से मरीजों की संख्या और अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
आशा कार्यकर्ताओं की समस्याएं भी सुनीं
अस्पताल के सभागार में उस समय आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। आशा कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम को बताया कि उनके मोबाइल फोन खराब हैं, जिससे काम करने में परेशानी हो रही है। इस पर उन्होंने तुरंत सीएमओ डॉ. एनबी सिंह को फोन कर मोबाइल ठीक कराने या बदलने के निर्देश दिए। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान जल्द कराने को भी कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल में पीने के पानी, दवा वितरण और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था तुरंत सुधारी जाए और मरीजों को दवाएं पांच मिनट के भीतर उपलब्ध कराई जाएं।
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