एसआईआर ने बीजेपी को ही गड्‌ढे में गिराया, हर सीट में कमजोर पड़ी पार्टी: अखिलेश यादव

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 27 Dec 2025, 01:44 pm
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समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने SIR को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि 2.89 करोड़ वोट कटने से यूपी की हर विधानसभा सीट पर भाजपा को औसतन 61 हजार वोटों का नुकसान होगा।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला है। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट लिखते हुए दावा किया कि SIR के दौरान 2.89 करोड़ वोटरों के नाम काटे गए हैं, जिनमें से 85 से 90 फीसदी वोट भाजपा समर्थकों के थे। उनका कहना है कि यही वजह है कि भाजपा के भीतर इस समय जबरदस्त घमासान मचा हुआ है।


अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि भाजपा विधायकों के बीच भले ही विद्रोही बैठकों की चर्चा हो रही हो, लेकिन असली कारण SIR से जुड़ा डर है। उनके मुताबिक खुद मुख्यमंत्री यह कह चुके हैं कि कटे वोटों में से अधिकांश भाजपा के थे। इसी आधार पर उन्होंने राजनीतिक गणित समझाते हुए कहा कि अगर 2.89 करोड़ में से 85 फीसदी भी मान लिया जाए तो करीब 2.45 करोड़ वोट बैठते हैं। जब इस आंकड़े को यूपी की 403 विधानसभा सीटों में बांटा जाए तो हर सीट पर लगभग 61 हजार वोट कम हो जाते हैं।


अब हर विधानसभा में कमजोर पड़ जाएगी भाजपा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस गणित के बाद साफ है कि भाजपा हर सीट पर कमजोर पड़ेगी और ऐसी स्थिति में सरकार बनाना तो दूर, दहाई का आंकड़ा पार करना भी मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि भाजपा विधायकों की नाराजगी अब खुलकर सामने आ रही है। अलग-अलग बैठकों के जरिए विधायक यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि न तो सरकार उनकी सुन रही है और न ही संगठन। अखिलेश के मुताबिक चुनाव से पहले जब विधायकों के कामकाज का सर्वे होगा तो कई मौजूदा विधायक फेल हो जाएंगे। इसी डर से वे एकजुट होकर सफाई देने में जुटे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में कुछ गिने-चुने लोगों के कथित महाभ्रष्टाचार का खामियाजा बाकी विधायकों को बदनामी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।


करोड़ों वोट करने से बीजेपी ने भी जाहिर की चिंता
अखिलेश के बयान के साथ भाजपा के भीतर की चिंता भी सामने आई है। 20 दिसंबर को लखनऊ में हुई भाजपा की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने SIR को बेहद अहम बताया था। उन्होंने कहा था कि इस प्रक्रिया का असर अगले 20 साल तक रहेगा। जो नेता अभी SIR पर काम कर लेगा, वही लंबे समय तक विधायक या सांसद बना रहेगा। तरुण चुघ ने यह भी चेतावनी दी थी कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में 100 से 500 वोटों के अंतर से जीत हुई थी, वहां अगर SIR पर ध्यान नहीं दिया गया तो हार तय है। उन्होंने नेताओं से कहा था कि यदि कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता तो पहले ही पार्टी नेतृत्व को बता दे, लेकिन SIR में लापरवाही या धोखा न करे। अखिलेश यादव का कहना है कि यही SIR अब भाजपा के लिए गड्ढा साबित हो रहा है और आने वाले समय में PDA सरकार बनने का रास्ता साफ करेगा।

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