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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 27 Dec 2025, 11:02 am
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का काम पूरा हो गया है। इस प्रक्रिया के बाद प्रदेश में कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि SIR शुरू होने से पहले यूपी में 15 करोड़ 44 लाख मतदाता दर्ज थे। अब फाइनल आंकड़े और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 दिसंबर को जारी की जाएगी, जिसके बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी।
26 दिसंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे हैं, उनमें सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो स्थायी रूप से उत्तर प्रदेश से बाहर शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे मतदाताओं की संख्या 1.26 करोड़ बताई गई है। इसके अलावा 45.95 लाख मतदाताओं की मौत हो चुकी है, 23.32 लाख नाम डुप्लीकेट पाए गए, 84.20 लाख मतदाता लापता बताए गए और 9.37 लाख लोगों ने गणना फॉर्म ही जमा नहीं किया।
किस वजह से कटे इतने नाम
निर्वाचन आयोग के अनुसार SIR का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट करना है। इसी प्रक्रिया में लंबे समय से बाहर रह रहे, मृत, डुप्लीकेट या सत्यापन में अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाए गए। इससे पहले 11 दिसंबर को आयोग ने बताया था कि 2.91 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे हैं। यानी समय सीमा बढ़ाने के बावजूद सिर्फ करीब 2 लाख नाम ही दोबारा जुड़ पाए।
सूत्रों के मुताबिक यूपी में SIR की समय सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी। भाजपा भी इस प्रक्रिया के लिए और समय चाहती थी, लेकिन चुनाव आयोग ने तीसरी बार अंतिम तारीख नहीं बढ़ाई। पहले चरण में गणना पत्र जमा करने की आखिरी तारीख 4 दिसंबर थी, जिसे पहले 11 दिसंबर और फिर 26 दिसंबर तक बढ़ाया गया था।
अन्य राज्यों में भी बड़े पैमाने पर कटौती
यूपी से पहले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है। इनमें कुल 3.69 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मध्यप्रदेश में 42.74 लाख, छत्तीसगढ़ में 27.34 लाख, केरल में 24.08 लाख, पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख, राजस्थान में 41.85 लाख, तमिलनाडु में 97 लाख और गुजरात में 73 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं। अन्य छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी हजारों से लाखों तक नाम हटाए गए हैं।
अब आगे क्या प्रक्रिया होगी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक 31 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी। इसके बाद 31 दिसंबर से 30 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। इनका निस्तारण 21 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी 2026 को जारी होगी। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी की बैठक में सांसदों और विधायकों से कहा है कि वे अपने-अपने बूथ की मतदाता सूची जरूर जांचें। यदि किसी जीवित मतदाता को गलत तरीके से मृत, लापता या शिफ्टेड दिखाया गया है तो उस पर आपत्ति दर्ज कराई जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए।
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