किशोरों के स्मार्टफोन यूज करने और हाफ पैंट पहनने पर लगा बैन, पूरा मामला जान आप कहेंगे- ये भी ठीक है!

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 27 Dec 2025, 12:46 pm
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बागपत के बड़ौत में हुई खाप पंचायत में बड़ा सामाजिक फैसला लिया गया। लड़कों के स्मार्टफोन रखने और हाफ पैंट पहनने पर रोक लगेगी। साथ ही मैरिज होम में शादियों पर भी आपत्ति जताई गई।

बागपत स्थित बड़ौत में खाप चौधरियों की पंचायत ने समाज को लेकर बड़ा और सख्त निर्णय लिया है। पंचायत में तय किया गया कि अब सिर्फ लड़कियों ही नहीं, बल्कि लड़कों पर भी नियम समान रूप से लागू होंगे। खाप चौधरियों ने 18 साल से कम उम्र के लड़कों को स्मार्टफोन देने और हाफ पैंट पहनने पर पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही मैरिज होम में होने वाली शादियों पर भी आपत्ति जताते हुए उन्हें रोकने की बात कही गई है। खाप पंचायत के इस फैसले के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पंचायत में मौजूद चौधरियों का कहना है कि यह निर्णय समाज में बढ़ती अव्यवस्था और गलत प्रभावों को रोकने के लिए लिया गया है।


लड़कों पर भी वही नियम, जो लड़कियों पर लागू

खाप चौधरियों की पंचायत में साफ कहा गया कि लड़के और लड़कियां समाज में बराबर हैं, इसलिए नियम भी दोनों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। पंचायत में कहा गया कि आजकल लड़के हाफ पैंट पहनकर घरों के आसपास और बाहर घूमते रहते हैं, जिससे सामाजिक माहौल खराब होता है। इसे गलत बताते हुए हाफ पैंट पहनने पर पूरी तरह बैन लगाने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही 18 साल से कम उम्र के लड़कों को स्मार्टफोन देने को भी अनुचित बताया गया। पंचों का कहना था कि कम उम्र में मोबाइल फोन बच्चों का भविष्य खराब कर रहा है और यही वजह है कि इस पर सख्ती जरूरी है। पंचायत ने यह भी कहा कि माता-पिता को इस फैसले का पालन करना होगा।


मैरिज होम में शादी पर आपत्ति, गांव में हों विवाह

खाप पंचायत में शादियों को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। चौधरियों ने कहा कि शादी गांव और घरों में ही होनी चाहिए। मैरिज होम में होने वाली शादियों से पारिवारिक और सामाजिक रिश्ते कमजोर होते हैं और कई बार इसी वजह से शादियां टूटने तक की नौबत आ जाती है। पंचायत में यह भी तय किया गया कि शादी के निमंत्रण कार्ड अब केवल व्हाट्सएप पर भेजने की परंपरा को भी मान्यता दी जाएगी। हालांकि, इसके साथ यह भी कहा गया कि सामाजिक रीति-रिवाजों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।


पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की तैयारी

पंचायत में मौजूद खाप चौधरियों ने दावा किया कि यह फैसला सिर्फ बड़ौत या बागपत तक सीमित नहीं रहेगा। समाज हित को देखते हुए इसे पूरे उत्तर प्रदेश में लागू कराने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए अन्य खापों से संपर्क कर इसे एक अभियान के रूप में चलाया जाएगा। खाप चौधरियों ने राजस्थान में हाल ही में हुए ऐसे ही पंचायत के फैसलों को भी सही ठहराया और कहा कि समाज को सही दिशा देने के लिए इस तरह के कड़े कदम जरूरी हैं।


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