Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 24 Dec 2025, 04:05 pm
बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर चौधरी में स्थित वाजिद बेग के बरातघर पर बीडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सुबह होते ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बीडीए की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। दो पोकलेन मशीनें ढांचे को गिराने में लगी रहीं, जबकि मौके पर दो बुलडोजर स्टैंडबाय में खड़े नजर आए। पहले दिन मंगलवार को बरातघर का करीब 50 फीसदी हिस्सा ध्वस्त किया जा चुका था। कार्रवाई के दौरान वाजिद बेग के छोटे भाई आबिद बेग कागजात लेकर मौके पर पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके भाई को जानबूझकर बलि का बकरा बनाया जा रहा है। जिस इमारत को बीडीए बरातघर बताकर गिरा रहा है, वह उनका पुस्तैनी आवास है।
आबिद बेग का कहना है कि उनका परिवार वर्षों से इस मकान में रह रहा है और इसे गलत तरीके से अवैध निर्माण बताया जा रहा है। आबिद बेग ने यह भी दावा किया कि उनके भाई वाजिद बेग का नाम किसी भी एफआईआर में दर्ज नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस 26 सितंबर को हुए बवाल में उनके भाई की भूमिका बता रही है तो संबंधित एफआईआर सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि बिना किसी ठोस सबूत के कार्रवाई की जा रही है, जिससे परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बीडीए बोला- नोटिस और सुनवाई के बाद ही हुई कार्रवाई
बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने स्पष्ट किया कि जिस भवन को ध्वस्त किया जा रहा है, वह रिकॉर्ड में बरातघर के रूप में दर्ज है। उन्होंने बताया कि मंगलवार से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई चल रही है और पहले दिन आधा ढांचा गिराया जा चुका था। बुधवार को शेष निर्माण को ध्वस्त किया जा रहा है। दीपक कुमार के अनुसार, बीडीए किसी भी निर्माण पर सीधे कार्रवाई नहीं करता। पहले संबंधित पक्ष को नोटिस दिया जाता है, फिर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जाती है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है और इसमें किसी तरह की जल्दबाजी या पक्षपात नहीं किया गया है।
बवाल की साजिश को लेकर पुलिस का दावा
इस कार्रवाई को लेकर पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने पहले दिन बताया था कि 26 सितंबर को बरेली में हुए बवाल की साजिश 19 सितंबर को इसी बरातघर में रची गई थी। उनके मुताबिक, यहां मौलाना तौकीर रजा ने अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कथित तौर पर माहौल खराब करने की योजना बनाई थी। हालांकि, एसपी सिटी ने यह भी स्पष्ट किया था कि बरातघर पर की जा रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई बीडीए द्वारा नियमानुसार की जा रही है और इसका सीधा संबंध कानून व्यवस्था से जुड़ी जांच से अलग है। फिलहाल, दूसरे दिन की कार्रवाई के साथ ही पूरा ढांचा गिराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
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