ठंड से जान बचाने के लिए जलाई अंगीठी, उसी ने ले ली चार दोस्तों की जान, हादसा जान हिल जाएंगे आप!

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Nov 2025, 12:47 pm
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उत्तर प्रदेश के कानपुर महानगर से गुरुवार सुबह एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से दम घुटने से चार दोस्तों की मौत हो गई। आइये पूरा हादसा जानते हैं।

कानपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक कमरे में सो रहे चार दोस्तों के शव मिले। ठंड से बचने के लिए उन्होंने तसले में कोयला जलाया था और कमरा अंदर से बंद कर सो गए थे। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, चारों की मौत दम घुटने से हुई है। पनकी थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में रहने वाले ये दोस्त गुरुवार सुबह काफी देर तक नहीं उठे तो पास में रहने वालों को शक हुआ। कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो कमरे के अंदर धुआं फैला था और चारों के शव पड़े मिले। ये सभी ऑयल सीड्स कंपनी में काम करते थे और 10×8 फीट के कमरे में रहते थे। मृतकों की पहचान अमित वर्मा (32), संजू सिंह (22), राहुल सिंह (23) और दौड़ अंसारी (28) के रूप में हुई। सभी देवरिया जिले के तौकलपुर गांव के रहने वाले थे।


रात को चारों ने चिकन, रोटी और चावल बनाकर खाया था। सुबह साथी नागेंद्र ने उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दरवाजा न खुलने पर ठेकेदार अरुण को बुलाया गया, जिन्होंने दरवाजा तोड़ा। अंदर कोयला और बुरादा सुलग रहा था। बुधवार रात तापमान 10.4 डिग्री था, जिसके चलते सभी ने फर्श पर कंबल बिछाकर सोया था।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि कमरे में वेंटिलेशन नहीं था। कोयला जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनी, जिसे चारों बिना महसूस किए इनहेल करते रहे और नींद में ही उनकी मौत हो गई। फोरेंसिक जांच पूरी की जा चुकी है। फैक्ट्री में पेंटिंग और वेल्डिंग का काम चल रहा था, जहां ये सभी छह महीने से काम कर रहे थे। बॉयलर टेस्टिंग के लिए लाया गया कोयला ही उन्होंने जलाया था। घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया है।


बंद कमरे में अंगीठी जलाने से क्यों होती है मौत?

अंगीठी या हीटर जलाकर बंद कमरे में सोना बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि इससे धीरे-धीरे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बढ़ने लगती है। कानपुर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि कमरे में वेंटिलेशन न होने पर कार्बन मोनोऑक्साइड तेजी से फैलती है और ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है। ऐसी स्थिति में सिरदर्द, चक्कर, मतली और उल्टी जैसे शुरुआती लक्षण दिखते हैं, लेकिन सोते समय व्यक्ति इन्हें महसूस भी नहीं कर पाता। जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो इसका सीधा असर दिल, दिमाग और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। ऑक्सीजन की कमी से दिल तक खून की सप्लाई घट जाती है और टिशू पर्याप्त मात्रा में ब्लड पंप नहीं कर पाते। यही स्थिति आगे चलकर गंभीर दिल का दौरा बन सकती है। समय पर इलाज न मिल पाने की स्थिति में व्यक्ति की नींद में ही मौत हो जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दियों में बंद कमरे में अंगीठी, कोयला या गैस हीटर जलाकर सोना जानलेवा हो सकता है, इसलिए कमरे में हमेशा वेंटिलेशन रखना जरूरी है।


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