धड़ से अलग हुआ मासूम का सिर, मां का कटा पैर, कानपुर हादसे के बाद लाशों का हाल देख हर कोई दंग!

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 19 Nov 2025, 03:37 pm
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यूपी के कानपुर में हुए बस हादसे ने सभी को परेशान कर रख दिया है। खासकर हादसे के पीड़ित अजय चौधरी के घर में दुखों का पहाड़ टूट गया है। उनका मासूम बेटा मौत के मुंह में समा गया तो उनकी मां का पैर कटकर अलग हो गया। आइये पूरा हादसा जानते हैं।

कानपुर बस हादसे में हुई मासूम समेत तीन यात्रियों की मौत ने अजय चौधरी और उनके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। हादसे के बाद जो नजारे देखने को मिले, उन्होंने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया। हादसे में जिन तीन लोगों की मौत हुई, उनमें अजय का पांच वर्षीय बेटा अनुराग भी शामिल था। उसका सिर धड़ से अलग हो गया था। अनुराग की मां गुड्डी का पैर कटकर अलग हो गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने जब अनुराग का शव अजय को दिखाया तो वह बदहवास होकर चीख पड़े और उन्हें पुलिसकर्मियों ने संभाला।


बिहार के शिवगढ़ ते तरिहानी के सरवरसा निवासी अजय चौधरी दिल्ली के शालीमार इलाके में पत्नी गुड्डी और तीन बच्चों अनुराग, हिमांशी और तनिष्का के साथ फास्ट फूड का काम करते थे। उनकी मां की तबीयत खराब होने के कारण पूरा परिवार गांव लौट रहा था। सभी लोग बस में ऊपरी हिस्से में सो रहे थे, तभी दुर्घटना होने पर उनकी आंख खुली। घटनास्थल अरौल के पास था। हादसे के बाद पुलिस ने सभी को रेस्क्यू कर अलग-अलग एंबुलेंस से हैलट अस्पताल पहुंचाया। यहां अजय करीब एक घंटे तक अनुराग को तलाशते रहे और फिर अधिकारियों से पूछताछ में पता चला कि बच्चा मृत पाया गया। पोस्टमॉर्टम हाउस में बेटे के क्षत-विक्षत शव को देखकर अजय की हालत बिगड़ गई।


हादसे के कारणों को लेकर यात्रियों ने पूछताछ में बताया कि बस चालक ने संभवतः ढाबे पर शराब पी थी या फिर उसे झपकी आ गई थी। तेज रफ्तार में बस अनियंत्रित हुई, डिवाइडर से टकराई और तकरीबन 50 मीटर तक घिसटती चली गई। कई यात्रियों ने बताया कि लंबी दूरी की बसों में अक्सर ड्राइवर ढाबों पर रुककर शराब पीते हैं और जोखिम लेकर वाहन चलाते हैं। हादसे से पहले भी बस आगरा में खाने के लिए रुकी थी और आरोप है कि चालक ने उसी दौरान शराब पी थी। अरौल थाने के प्रभारी जनार्दन सिंह यादव ने बताया कि दुर्घटना के कुछ ही मिनटों में पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन ड्राइवर और कंडक्टर फरार थे। बस में करीब 55 यात्री सवार थे। कई यात्रियों का सामान थाने में सुरक्षित रखा गया है, जबकि कई लोग अन्य वाहनों से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने हैलट अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति जानी।


आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यह हादसा मंगलवार तड़के लगभग 3:20 बजे हुआ, जब निजी स्लीपर बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। तीन लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक यात्री घायल हुए। घायलों को सीएचसी बिल्हौर में प्राथमिक उपचार के बाद हैलट भेजा गया। मृतकों में पांच वर्षीय अनुराग के अलावा मोतिहारी के नसीम आलम और सिवान के शशि गिरी शामिल हैं। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हाईवे से हटवाकर यातायात बहाल कराया। प्राथमिक जांच में पता चला कि बस नालंदा आरटीओ में 2018 में पंजीकृत है।

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