BREAKING: केंद्र सरकार का बहुत बड़ा फैसला, ब्लिंकिट जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की 10 मिनट की डिलीवरी पर लगी रोक, फटाफट जानें पूरी खबर

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Jan 2026, 05:56 pm
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सरकार ने क्विक कॉमर्स की 10 मिनट डिलीवरी सेवा पर रोक लगा दी है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के फैसले से जेप्टो, ब्लिंकिट और स्विगी प्रभावित होंगे। नोएडा में डिलीवरी कर्मचारियों ने इस कदम का स्वागत किया है।

क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेज डिलीवरी को लेकर चल रही बहस पर अब सरकार ने सख्त कदम उठा लिया है। केंद्र सरकार ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म की 10 मिनट की डिलीवरी सेवा पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद जेप्टो, ब्लिंकिट, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म अब ग्राहकों को 10 मिनट में सामान पहुंचाने का दावा नहीं कर पाएंगे। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने संबंधित अधिकारियों और प्लेटफॉर्म प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया। सरकार का कहना है कि उपभोक्ता सुविधा के नाम पर डिलीवरी कर्मचारियों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती।


हैदराबाद हादसे के बाद गरमाया मामला
10 मिनट डिलीवरी को लेकर विवाद उस समय और तेज हो गया था, जब हैदराबाद में सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई थी। बताया गया कि मृतक क्विक कॉमर्स डिलीवरी से जुड़ा हुआ था, हालांकि जेप्टो ने बाद में उसे अपना कर्मचारी मानने से इनकार कर दिया था। इस घटना के बाद श्रम मंत्रालय के सामने यह सवाल खड़ा हुआ कि क्या बेहद कम समय सीमा के दबाव में डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों को असुरक्षित हालात में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बैठक में सामने आया कि 10 मिनट में डिलीवरी की समय सीमा के चलते कई डिलीवरी बॉय तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं। जल्दबाजी में वे कई बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, गलत दिशा में वाहन ले जाते हैं और सिग्नल तोड़ने जैसी स्थितियां भी बनती हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है।


नोएडा में डिलीवरी कर्मचारियों में दिखी राहत
सरकार के इस फैसले के बाद नोएडा में डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों में राहत और खुशी देखी गई। डिलीवरी बॉय का कहना है कि 10 मिनट की समय सीमा उनके लिए सबसे बड़ा तनाव बन चुकी थी। जल्दी ऑर्डर पहुंचाने के चक्कर में कई बार दुर्घटनाएं हो जाती थीं, जिससे जान का खतरा बना रहता था। कर्मचारियों ने बताया कि समय पर पहुंचने के दबाव में उन्हें मजबूरी में ट्रैफिक सिग्नल पार करना पड़ता था, जिसके चलते चालान कट जाते थे। चालान भरने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता था और कई बार कंपनी की ओर से कोई मदद नहीं मिलती थी। अब समय सीमा हटने से वे सुरक्षित तरीके से और नियमों का पालन करते हुए डिलीवरी कर सकेंगे।


क्विक कॉमर्स कंपनियों को बदलनी होगी नीति
10 मिनट डिलीवरी पर रोक के बाद क्विक कॉमर्स कंपनियों को अपनी रणनीति और डिलीवरी मॉडल में बदलाव करना होगा। सरकार का स्पष्ट कहना है कि भविष्य में डिलीवरी के लिए ऐसी समय सीमा तय की जाएगी, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। श्रम मंत्रालय आगे भी इस सेक्टर पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर और कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं।



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