Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 28 Dec 2025, 06:21 pm
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में एक बार फिर निर्माण कार्यों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल में अस्थायी पार्किंग निर्माण के लिए जहां अधिकारियों ने करीब 60 लाख रुपये खर्च का आकलन किया था, वहीं एक इंजीनियर ने उसी काम का एस्टीमेट सवा दो करोड़ रुपये से ज्यादा का बना दिया। जब यह फाइल उच्च अधिकारियों के पास पहुंची तो वे चौंक गए और सवाल उठाते हुए फाइल वापस कर दी। इसके बाद संबंधित इंजीनियर पर फाइल दबाने का आरोप लग रहा है। मामला सामने आने के बाद प्राधिकरण के भीतर खलबली मची हुई है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ा है पूरा मामला
बसंतकुंज योजना में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस बड़े आयोजन के लिए आसपास 13 अस्थायी पार्किंग बनाई गई थीं, ताकि अलग-अलग जिलों से आने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की बसें खड़ी की जा सकें। इन पार्किंगों को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने तैयार कराया था। सबसे बड़ी पार्किंग सीतापुर और लखीमपुर से आने वाली करीब 860 बसों के लिए बनाई गई थी। इस पार्किंग के निर्माण की जिम्मेदारी सहायक अभियंता राहुल वर्मा को सौंपी गई थी। भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए पार्किंग को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए थे।
60 लाख के काम को 2.25 करोड़ में दिखाया गया
अधिकारियों के मुताबिक, पार्किंग धंसने से बचाने के लिए जमीन समतल कर मिट्टी डलवाने, एक पक्की लेयर और लगभग 20 मीटर लंबा पक्का रैंप बनाने का काम होना था। इसके लिए लगभग 60 लाख रुपये का खर्च तय किया गया था। काम पूरा होने के बाद जब भुगतान से जुड़ी फाइल तैयार हुई तो उसमें एस्टीमेट बढ़ाकर करीब 2.25 करोड़ रुपये दिखा दिया गया। यह देखकर अधिकारियों ने फाइल पर साइन करने से इनकार कर दिया और स्पष्टीकरण मांगा। आरोप है कि इसके बाद इंजीनियर ने फाइल को आगे बढ़ाने के बजाय दबा लिया।
मिट्टी और मटेरियल की गुणवत्ता पर भी सवाल
सूत्रों का कहना है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल किया गया मटेरियल भी मानकों के अनुरूप नहीं है। नियमों के अनुसार पार्किंग के लिए मिट्टी बाहर से मंगाई जानी चाहिए थी, लेकिन आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने बगल के खाली प्लॉट से ही मिट्टी खोदकर इस्तेमाल कर ली। इस पूरे मामले में इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। प्राधिकरण स्तर पर अब पूरे प्रकरण की जांच की तैयारी की जा रही है और जिम्मेदार पाए जाने पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।