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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 02 Jan 2026, 05:27 pm
पौष पूर्णिमा के अवसर पर संगम में स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने व्यापक यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। शुक्रवार रात आठ बजे से मेला क्षेत्र को पूरी तरह नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया जाएगा। इस दौरान केवल एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को ही प्रवेश की अनुमति होगी। प्रशासन ने संगम नोज, पांटून पुलों और प्रमुख स्नान घाटों तक सुचारू आवागमन के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
पांटून पुलों और संगम नोज के लिए तय किए गए मार्ग
मेला प्रशासन के अनुसार, पांटून पुलों पर एकल मार्ग व्यवस्था लागू की गई है। झूंसी से परेड की ओर आने वाले श्रद्धालु पांटून पुल संख्या चार और छह का प्रयोग करेंगे, जबकि परेड से झूंसी की ओर जाने के लिए पांटून पुल संख्या तीन, पांच और सात निर्धारित किए गए हैं। संगम नोज पर किसी भी प्रकार की वाहन पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। पांटून पुल संख्या एक और दो को रिजर्व रखा गया है, जिन्हें आपात स्थिति में उपयोग में लाया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और अपने वाहन तय पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें, जिससे अव्यवस्था से बचा जा सके।
पार्किंग के अनुसार स्नान घाटों तक पहुंच की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग पार्किंग स्थलों से स्नान घाटों तक पैदल मार्ग निर्धारित किए गए हैं। परेड क्षेत्र प्लॉट नंबर 17 पार्किंग से काली मार्ग होते हुए अपर संगम मार्ग के जरिए संगम, हनुमान घाट और रामघाट तक पहुंचा जा सकेगा। गल्ला मंडी पार्किंग से मोरी रैंप और किलाघाट मार्ग द्वारा काली उत्तरी घाट, मोरी घाट और दशाश्वमेध घाट तक जाने की व्यवस्था है। झूंसी ओल्ड जीटी कछार, टीकरमाफी महुआबाग, सोहम आश्रम, अरैल देवरख कछार, गजिया और नवप्रयागम पार्किंग से भी संबंधित घाटों तक सुगम पैदल मार्ग तय किए गए हैं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से स्नान कर सकें।
QR कोड से जुड़ी डिजिटल पहल, शिकायत और लोकेशन की सुविधा
माघ मेला 2026 को अधिक सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए मेला प्रशासन ने एक नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की है। मेला क्षेत्र में लगाए गए 15,500 विद्युत पोलों पर QR कोड लगाए गए हैं। इन्हें स्कैन करते ही श्रद्धालु मेला सेवा एप के जरिए सीधे प्रशासन से जुड़ सकेंगे। इस माध्यम से शिकायत दर्ज करने, आवश्यक जानकारी प्राप्त करने और अपनी सटीक लोकेशन साझा करने की सुविधा मिलेगी। हर पोल पर सड़क का नाम, सेक्टर और गूगल कोड अंकित है, जिससे नजदीकी अस्पताल, पुलिस चौकी, पार्किंग और स्नान घाट की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इसके साथ ही मेला हेल्पलाइन नंबर 1920 को भी सक्रिय रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता मिल सके।
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