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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Dec 2025, 03:06 pm
कानपुर कोतवाली पुलिस ने इंटरनेशनल ठग रवींद्र नाथ सोनी और उसके गिरोह के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए सोमवार देर रात छह और मुकदमे दर्ज किए हैं। ये सभी मामले दुबई में रहने वाले भारतीय मूल के NRI नागरिकों की शिकायतों पर दर्ज किए गए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि रवींद्र नाथ सोनी ने अपनी ब्लूचिप कंपनी और फिल्म अभिनेता सोनू सूद के नाम का इस्तेमाल कर उन्हें झांसे में लिया और कंपनी में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का निवेश करवा लिया। पीड़ितों ने यह भी दावा किया है कि ठगी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल साइबर क्राइम पर आधारित फिल्म ‘फतेह’ के निर्माण में किया गया। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने सभी छह पीड़ितों की तहरीर के आधार पर FIR दर्ज की है। साथ ही अभिनेता सोनू सूद और रेसलर द ग्रेट खली को पूछताछ के लिए दूसरा नोटिस भी जारी किया गया है।
जांच में सामने आया है कि रवींद्र नाथ सोनी ने दुबई, मलेशिया, जापान, भारत और नेपाल सहित कई देशों में ठगी का नेटवर्क फैलाया था। अब तक की पड़ताल में करीब 700 निवेशकों से लगभग 1500 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की बात सामने आई है। ठगी की बड़ी रकम समेटने के बाद आरोपी ओमान के रास्ते भारत भाग आया था, जहां 42 लाख रुपये की ठगी के एक मामले में कानपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अब IPS अंजली विश्वकर्मा की निगरानी में गठित SIT कर रही है।
सोमवार को रवींद्र नाथ सोनी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही दुबई में रहने वाले कई अन्य पीड़ित NRI कानपुर पहुंचे और अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। हरियाणा के रेवाड़ी निवासी दीपक कुमार ने बताया कि उनसे तीन प्रतिशत मासिक ब्याज के नाम पर 26.50 लाख रुपये निवेश कराए गए थे। इसी तरह पलवल निवासी वासुदेव शर्मा से दो करोड़, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा निवासी राजीव शास्त्री से 54 लाख, गोरखपुर निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह से 42 लाख, गुजरात के वडोदरा निवासी अमोल रजनी मिठानी से 51 लाख और संगीता सावन कामदार से 33.60 लाख रुपये की ठगी की गई।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के आदेश पर सभी शिकायतों को दर्ज किया गया। देर रात तक कोतवाली थाने में छह नई FIR दर्ज हुईं, जबकि पांच मुकदमे पहले से कायम थे। इस तरह अब तक रवींद्र नाथ सोनी और उसके गिरोह पर कुल 11 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि ठगी की रकम से फिल्म ‘फतेह’ में निवेश किया गया, जिसे सोनू सूद ने निर्देशित किया और उसमें अभिनय भी किया। इसके अलावा रवींद्र के साझेदार सूरज जुमानी द्वारा ब्लूचिप म्यूजिक कंपनी के जरिए एल्बम और फिल्म बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पीड़ितों ने अर्जुन और अकरम नाम के दो एजेंटों के बारे में भी SIT को अहम जानकारियां और साक्ष्य सौंपे हैं।
SIT ने रिमांड के दौरान देहरादून से बरामद कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ठगी के इस बड़े सिंडीकेट से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोनू सूद और खली को तीसरा नोटिस भेजने की तैयारी है। यदि इसके बाद भी पूछताछ में सहयोग नहीं मिला तो वारंट जारी किए जाएंगे।
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