उन्नाव रेप केस के दोषी बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को अब सुप्रीम को झटका, आया ये बड़ा फैसला!

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 30 Dec 2025, 11:16 am
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उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सेंगर को नोटिस जारी कर चार हफ्ते बाद सुनवाई तय की है।

उन्नाव रेप केस में दोषी भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर की जमानत पर रोक लगाते हुए उसे नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की है। सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने CBI की याचिका पर करीब 40 मिनट तक सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिन पर विस्तार से विचार करना जरूरी है। इसी आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट के 23 दिसंबर के जमानत आदेश पर अंतरिम रोक लगाई गई है।


हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट को क्यों हुई आपत्ति
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जिन जजों ने हाईकोर्ट में सजा सस्पेंड की है, वे देश के बेहतरीन जजों में गिने जाते हैं, लेकिन गलती किसी से भी हो सकती है। कोर्ट ने साफ किया कि आमतौर पर बिना आरोपी को सुने जमानत पर रोक नहीं लगाई जाती, लेकिन इस केस की परिस्थितियां अलग हैं। आरोपी पहले से ही दूसरे मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट को यह बात भी परेशान कर रही है कि POCSO कानून में पुलिस कॉन्स्टेबल को लोक सेवक माना जाता है, लेकिन निर्वाचित जनप्रतिनिधि को इस दायरे से बाहर कैसे रखा गया। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी ने यह सवाल भी उठाया कि क्या हाईकोर्ट ने अपने आदेश में धारा 376(2)(i) के तहत दोष सिद्ध होने की स्थिति को स्पष्ट रूप से माना है या नहीं।


CBI और पीड़ित की दलीलों पर कोर्ट का सख्त रुख
CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह बेहद भयावह मामला है, जिसमें रेप और POCSO जैसी गंभीर धाराएं लगी हैं। ऐसे मामलों में न्यूनतम सजा 20 साल तक की हो सकती है, जो उम्रकैद तक बढ़ाई जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुनते ही पीड़ित कोर्ट परिसर में फूट-फूटकर रो पड़ी। महिला एक्टिविस्ट योगिता भैयाना और अन्य महिलाओं ने उसे संभाला। बाद में पीड़ित ने कहा कि उसे सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है और वह अपनी लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रखेगी। कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित और उसके परिवार को बड़ी राहत मिली है।

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