सुवेंदु अधिकारी पीए हत्याकांड, चंद्रनाथ को सुपारी देकर मरवाने का दावा, हमलावरों की दूसरी बाइक बरामद, 13 साल में 3 करीबी खो चुके बीजेपी नेता

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 08 May 2026, 10:45 am
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पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद सियासत गरमा गई है। पुलिस को साजिश और प्रोफेशनल शूटरों के शामिल होने का शक है। सीसीटीवी फुटेज, फर्जी नंबर प्लेट और आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड ने राज्य की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि यह हत्या पूरी साजिश के तहत अंजाम दी गई। जांच एजेंसियों को शक है कि वारदात में प्रोफेशनल शूटर शामिल थे। घटना के बाद बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद की हिंसा और राजनीतिक तनाव को लेकर फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं और तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी बाइक भी बारासात इलाके से बरामद कर ली गई है। बताया जा रहा है कि बाइक दमदम क्षेत्र से चोरी की गई थी और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।


सीसीटीवी फुटेज से खुल रही साजिश की परतें

पुलिस जांच के मुताबिक 42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ बुधवार रात करीब 9 बजे कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने किराए के घर के लिए निकले थे। उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी को रात 9:58 बजे एक सीसीटीवी कैमरे में देखा गया। फुटेज में स्कॉर्पियो के पीछे एक कार और दो बाइक पर सवार संदिग्ध भी नजर आए। करीब 10:30 बजे दोहरिया जंक्शन के पास आरोपियों ने कार से स्कॉर्पियो का रास्ता रोक लिया। इसके बाद बाइक सवार बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने 6 से 10 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें चंद्रनाथ को सीने और पेट में गोलियां लगीं। वारदात के बाद आरोपी कार छोड़कर अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से बरामद कार की जांच की तो उसकी नंबर प्लेट फर्जी निकली, जबकि चेसिस और इंजन नंबर भी मिटाए गए थे। जांच अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से हमला किया गया, उससे साफ है कि हमलावर प्रशिक्षित और पेशेवर थे।


फोन पर बात करते वक्त हुई फायरिंग, विधायक का बड़ा दावा

भाजपा विधायक शंकर घोष ने दावा किया कि घटना के समय वह खुद चंद्रनाथ रथ से फोन पर बात कर रहे थे। उनके मुताबिक दोनों आगामी शपथ ग्रहण समारोह और अमित शाह के दौरे पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी और फिर कराहने की आवाज आई। इसके बाद फोन कट गया। विधायक ने बताया कि उन्होंने कई बार कॉल किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। बाद में किसी अनजान व्यक्ति ने फोन उठाकर उन्हें बताया कि चंद्रनाथ को गोली मार दी गई है। इस बयान के बाद मामले ने और ज्यादा राजनीतिक रंग ले लिया है। वहीं पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल आधुनिक ग्लॉक 47X पिस्टल के एंगल पर भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे हथियार आम अपराधियों के पास नहीं होते। चंद्रनाथ रथ पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुके थे और बाद में राजनीति से जुड़ गए थे। सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाने वाले चंद्रनाथ लंबे समय से उनके साथ काम कर रहे थे और लो-प्रोफाइल रहने के बावजूद संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।


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