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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 08 May 2026, 10:31 am
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कई अहम आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट राष्ट्रीय औसत से काफी कम दर्ज किया गया है। यही वजह है कि अपराध दर के मामले में प्रदेश कई बड़े राज्यों से नीचे रहा है।
एनसीआरबी के अनुसार वर्ष 2024 में देशभर में कुल 35,44,608 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। राष्ट्रीय अपराध दर 252.3 रही, जबकि उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट 180.2 दर्ज हुआ। प्रदेश देश में कुल अपराध दर के मामले में 18वें स्थान पर रहा। रिपोर्ट में हत्या, डकैती, फिरौती और महिला सुरक्षा जैसे मामलों में भी यूपी की स्थिति कई राज्यों से बेहतर बताई गई है। सरकार ने इसे अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, तेज पुलिस कार्रवाई और तकनीक आधारित निगरानी का असर बताया है।
हत्या, डकैती और अपहरण जैसे मामलों में बेहतर रिकॉर्ड
एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक हत्या जैसे गंभीर अपराधों में उत्तर प्रदेश की स्थिति कई बड़े राज्यों से बेहतर रही। हत्या के मामलों में यूपी देश में 29वें स्थान पर है, जबकि हत्या के प्रयास के मामलों में 26वें स्थान पर दर्ज किया गया। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि फिरौती के लिए अपहरण और डकैती जैसे अपराधों में प्रदेश देश में सबसे निचले पायदान यानी 36वें स्थान पर रहा।
लूट के मामलों में उत्तर प्रदेश 28वें स्थान पर है, जबकि बलवा के मामलों में 19वें नंबर पर दर्ज किया गया। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में प्रदेश 23वें स्थान पर रहा। रिपोर्ट के अनुसार यूपी में हत्या की दर प्रति एक लाख आबादी पर 1.3 है, जो तेलंगाना, पंजाब और झारखंड जैसे राज्यों से काफी कम बताई गई है। सरकार का कहना है कि माफियाओं पर कार्रवाई, आधुनिक तकनीक और लगातार निगरानी के चलते गंभीर अपराधों पर नियंत्रण पाया गया है।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दोषसिद्धि दर सबसे ज्यादा
महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों को सजा दिलाने के मामले में उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को सजा दिलाने में यूपी पूरे देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश की दोषसिद्धि दर 76.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जो देश में सबसे अधिक है। इसके मुकाबले पश्चिम बंगाल में यह दर 1.6 प्रतिशत, कर्नाटक में 4.8 प्रतिशत, तेलंगाना में 14.8 प्रतिशत, केरल में 17 प्रतिशत, पंजाब में 19 प्रतिशत और तमिलनाडु में 23.4 प्रतिशत रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपी में महिला अपराधों की जांच तेजी से पूरी हो रही है और अपराधियों के बच निकलने की संभावना काफी कम हुई है। महिलाओं से जुड़े मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की दर भी बेहतर रही। कानपुर में यह दर 84.4 प्रतिशत और लखनऊ में 83.7 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं मर्यादा भंग के मामलों की दर यूपी में 18.6 रही, जो कई अन्य राज्यों की तुलना में कम है। रिपोर्ट में जेलों की स्थिति को लेकर भी यूपी को बेहतर बताया गया है। महिला जेलों में अधिभोग दर 36.7 प्रतिशत और केंद्रीय जेलों में 74.3 प्रतिशत दर्ज की गई, जो कई राज्यों से बेहतर मानी जा रही है।
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