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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Oct 2025, 01:56 pm
अयोध्या में 19 अक्टूबर को भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा। यह आयोजन प्रभु श्रीराम की लंका विजय के बाद पुष्पक विमान से अयोध्या वापसी की स्मृति में किया जा रहा है। रामकथा पार्क में प्रभु राम लाइव झांकी के रूप में पुष्पक विमान पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। राम की पैड़ी पर दीप सजाने का कार्य शुरू हो चुका है। 56 घाटों पर 18 अक्टूबर की शाम तक करीब 29 लाख दीपक जलाए जाएंगे। इनमें से 28 लाख दीपों के एक साथ जलते ही अयोध्या एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाएगी। यह भव्य उत्सव अयोध्या का नौवां दीपोत्सव होगा, जो रामनगरी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को एक बार फिर विश्व पटल पर उजागर करेगा।
अयोध्या एक बार फिर इतिहास का स्वर्णिम अध्याय लिखने को तैयार है। दीपों की पंक्तियों से सजी सड़कों और घाटों पर हर दीया मानो रामलला के स्वागत का निमंत्रण दे रहा है। आज से शुरू हो रहे तीन दिवसीय दीपोत्सव में अयोध्या अपने पूर्ण भव्य रूप में जगमगाएगी। सरयू तट पर जलने वाले 28 लाख दीपों के साथ इस बार परंपरा और तकनीक का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।
लेजर शो, ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए श्रीराम के जीवन प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। विदेशी कलाकारों की रामलीला भी इस वर्ष का विशेष आकर्षण होगी। रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के 90 कलाकार रामकथा पार्क सहित विभिन्न मंचों पर रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन करेंगे। रूस के कलाकार स्वयंवर दृश्य, थाईलैंड के कलाकार युद्ध प्रसंग, इंडोनेशिया के कलाकार लंका दहन, नेपाल के कलाकार लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन और श्रीलंका के कलाकार रावणेश्वर प्रसंग प्रस्तुत करेंगे।
गलियों में होगी पुष्पवर्षा, मंदिरों में गूंजेंगे मंगलगीत
तीन दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में अयोध्या की गलियों में पुष्पवर्षा, मंदिरों में गूंजते मंगल गीत और दीपों की जगमगाहट इसे साक्षात स्वर्ग का रूप देंगी। 19 अक्टूबर को 28 लाख दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है, जो अयोध्या को एक बार फिर वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करेगा। इस बार 11 मंचों पर 2000 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों के 500 कलाकार और अयोध्या के 300 स्थानीय कलाकार शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि एक वृहद, तीन मध्यम और सात छोटे मंच बनाए गए हैं, जहां अवधी और भोजपुरी लोक संगीत, भजन, नृत्य और नाट्य मंचन होंगे।
अयोध्या का दीपोत्सव दुनियाभर के लिए बनेगा भक्ति का प्रतीक
साकेत कॉलेज, रामकथा पार्क, तुलसी उद्यान, बड़ी देवकाली और गुप्तार घाट पर सजाए गए मंचों पर रामकथा के प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। श्रद्धा, संस्कृति और कला के इस अद्भुत संगम के साथ अयोध्या का दीपोत्सव न केवल भक्ति का प्रतीक बनेगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि रामनगरी केवल इतिहास नहीं, जीवंत अध्यात्म की धारा है। जो हर वर्ष नई रोशनी के साथ विश्व को आलोकित करती है।
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