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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Jan 2026, 04:46 pm
कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) एक बार फिर विवादों में आ गई है। मंगलवार सुबह श्रीधराचार्य हॉस्टल की मेस में सामने आई शर्मनाक लापरवाही ने छात्रों को आक्रोशित कर दिया। खाना बनाने की तैयारी के दौरान मेस कर्मचारियों द्वारा चप्पल पहनकर पैरों से आलू साफ करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया। हालांकि, अमर उजाला इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो सामने आते ही सैकड़ों छात्र भड़क उठे। छात्रों ने मेस और हॉस्टल की अव्यवस्थाओं को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय तक मार्च किया और जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से मेस की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, जिन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया।
वायरल वीडियो के बाद छात्रों में आक्रोश
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर मेस कर्मचारी बेहद गंदे तरीके से भोजन की तैयारी करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में चप्पल पहने कर्मचारी पैरों से आलू साफ करते नजर आ रहे हैं, जिसे देखकर छात्रों में गुस्सा भड़क उठा। छात्रों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर उनकी सेहत से खिलवाड़ है। छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल मेस में पहले भी कई बार कीड़े निकलने, बासी खाना परोसे जाने और साफ-सफाई की कमी की शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और मेस प्रबंधन ने कभी गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया।
मेस ठेका रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
हंगामा कर रहे छात्रों ने स्पष्ट मांग रखी है कि मौजूदा मेस ठेके को तत्काल रद्द किया जाए और दोषी कर्मचारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि लिखित कार्रवाई और स्थायी सुधार जरूरी है। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना है कि जब तक मेस व्यवस्था में ठोस बदलाव और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पहले भी उठते रहे हैं सवाल
HBTU के हॉस्टल और मेस व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि हर बार मामला शांत कराने के लिए जांच की बात कही जाती है, लेकिन कुछ दिनों बाद हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। इस बार छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, जबकि परिसर में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित स्थिति बनी हुई है।
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