मेरठ का कपसाड़ कांड, आरोपी के नाबालिग होने का दावा, बेटी का अपहरण कर फरसे से कर दी थी मां की हत्या

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 14 Jan 2026, 10:40 am
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मेरठ के कपसाड़ कांड में आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर विवाद गहराया है। जेल में बंद पारस ने खुद को नाबालिग बताया, जिस पर परिजन कोर्ट में प्रमाणपत्र दाखिल करेंगे। उधर गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के चर्चित कपसाड़ कांड में मुख्य आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। जेल में बंद पारस सोम ने खुद को नाबालिग बताते हुए जेल अधीक्षक से मुलाकात की थी। इसके बाद उसके परिजन अपने अधिवक्ता के माध्यम से बुधवार को न्यायालय में उम्र से संबंधित प्रमाणपत्र दाखिल करने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि पारस के शैक्षिक प्रमाणपत्र और आधार कार्ड के आधार पर उसे नाबालिग साबित करने का दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पुलिस फरसा बरामदगी के लिए आरोपी को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।


आरोपी ने जेल में खुद को बताया नाबालिग
11 जनवरी को अदालत के आदेश पर पारस सोम को जेल भेजा गया था। जेल पहुंचने के बाद आरोपी ने जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से मुलाकात कर खुद को नाबालिग बताया। इस पर जेल अधीक्षक ने उसे स्पष्ट किया कि उम्र से संबंधित कोई भी दावा न्यायालय में प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद ही स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद आरोपी पक्ष की ओर से दस्तावेज जुटाने की कवायद तेज हो गई। अधिवक्ता के अनुसार, पारस सोम के परिजनों ने उसके शैक्षिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज सौंप दिए हैं, जिनके आधार पर उसकी उम्र नाबालिग श्रेणी में बताई जा रही है।


कोर्ट के आदेश पर निर्भर आगे की कार्रवाई
जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि न्यायालय जो भी आदेश देगा, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोपी नाबालिग पाया जाता है, तो कोर्ट के निर्देश पर उसे बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। उधर, इस मामले के विवेचक और सीओ सरधना आशुतोष कुमार का कहना है कि फिलहाल आरोपी पक्ष ने पुलिस को उम्र से संबंधित कोई प्रमाणपत्र या शपथ पत्र उपलब्ध नहीं कराया है। पुलिस अपने स्तर से जांच जारी रखे हुए है और फरसा बरामदगी के लिए पारस को रिमांड पर लेने की तैयारी भी की जा रही है।


कपसाड़ गांव छावनी में तब्दील, सुरक्षा कड़ी
रूबी के अपहरण और उसकी मां सुनीता की हत्या के बाद से कपसाड़ गांव पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील है। हालांकि मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है और पीड़िता रूबी सुरक्षित घर लौट आई है, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। गांव की दहलीज से लेकर सीमाओं तक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। गांव में प्रवेश के लिए पहचान पत्र की सख्त जांच की जा रही है और बिना जांच किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि बाहरी लोगों और मीडिया कर्मियों का प्रवेश भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।


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