टाटा सफारी से ले जा रहे थे 80 लाख का माल, पुलिस को लगी भनक, फिर जो हुआ, आप कहेंगे- शानदार

Curated By: editor1 | Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Dec 2025, 01:37 pm
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राजधानी लखनऊ में एसटीएफ ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां टीम ने 80 लाख कीमत के ड्रग्स के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आइए पूरा मामला जानते हैं।

लखनऊ में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह पर एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। बुधवार सुबह गोसाईगंज क्षेत्र के सुल्तानपुर रोड स्थित गब्बर ढाबा के पास से टाटा सफारी में सवार दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 523 ग्राम प्रतिबंधित ड्रग MDMA बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है।


एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही की टीम लंबे समय से नशा तस्करों के नेटवर्क की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि सफारी सवार दो तस्कर भारी मात्रा में ड्रग लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी की और दोनों को सुबह करीब 9 बजे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान मोहम्मद मुजीब निवासी लोधीपुरवा खंदारी बाजार, लालबाग और मुकेश सिंह निवासी सुरियावां, संत रविदास नगर, भदोही के रूप में हुई।


पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि गिरोह का मास्टरमाइंड मुजीब अपने घर में ही अलग-अलग रसायनों को मिलाकर MDMA तैयार करता था। उसने बताया कि वाराणसी निवासी अभय सिंह ने उसे ड्रग बनाना सिखाया था। अभय पहले मुंबई में MDMA के साथ पकड़ा जा चुका है और हाल ही में जेल से रिहा हुआ है। बरामद खेप की सप्लाई अभय, उसके भाई अनुज और मुकेश के जरिए लखनऊ से वाराणसी भेजी जा रही थी।


तस्करों ने स्वीकार किया कि वे काफी समय से खरीदारों की मांग के अनुसार MDMA तैयार कर उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा दिल्ली, मुंबई और बिहार तक सप्लाई कर रहे थे। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ गोसाईगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।


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