Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Dec 2025, 05:18 pm
मथुरा के बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे के बाद का मंजर बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला है। घने कोहरे में एक के बाद एक वाहनों की टक्कर के बाद सात बसों और तीन कारों में लगी भीषण आग ने चारों तरफ तबाही मचा दी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई शव इस कदर झुलस गए हैं कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो गया है।
हादसे के दौरान लगी आग इतनी तेज थी कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। जलती बसों और कारों में फंसे लोग कुछ ही मिनटों में आग की चपेट में आ गए। जब दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, तब तक कई वाहन पूरी तरह जल चुके थे। आग पर काबू पाने के बाद जब बसों के भीतर तलाशी ली गई, तो कंकाल, खोपड़ियां और अधजली लाशें देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक्सप्रेस-वे पर बनी सफेद लेन मार्किंग तक पिघलकर मिट गई थी। कई शव बसों की सीटों से चिपके हुए मिले, जिन्हें पुलिस और राहतकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। सभी शवों को 17 अलग-अलग बैगों में रखकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया है।

हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। एंबुलेंस के सायरन और मृतकों के परिजनों की चीख-पुकार ने माहौल को और भी दर्दनाक बना दिया। घायल अपने परिजनों को ढूंढते हुए बदहवास हालत में इधर-उधर दौड़ते नजर आए। मौके पर मौजूद हर शख्स इस भयावह दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गया। राहत और बचाव कार्य में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी। करीब 14 एंबुलेंस घायलों को अस्पताल पहुंचाने में लगी रहीं, जबकि 11 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल वाहनों को पानी की कमी न हो, इसके लिए टोल प्लाजा के पास टैंकरों की विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए।

प्रशासन के अनुसार इस हादसे में 13 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन फिलहाल सिर्फ तीन शवों की ही शिनाख्त हो सकी है। शेष शवों की पहचान डीएनए जांच के माध्यम से कराई जाएगी। पीड़ितों और उनके परिजनों की मदद के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा के मोबाइल नंबर 9454417583 और एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के मोबाइल नंबर 9454401103 पर संपर्क किया जा सकता है। हादसे के बाद जली हुई सभी बसों और कारों को हाइड्रा मशीनों की मदद से एक्सप्रेस-वे से हटा दिया गया है।


यह भी पढ़ें- जलती बस का शीशा तोड़ बच्चों को बाहर फेंका, खुद बाहर नहीं निकल पाई मां, कुछ ही देर में आवाज हो गई खामोश