मौलाना शहाबुद्दीन ने किया संघ प्रमुख का समर्थन, कहा- उनकी सोच समाज को जोड़ने वाली

Curated By: editor1 | Hindi Now Uttar Pradesh • 29 Aug 2025, 04:46 pm
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयानों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भागवत जो कहते हैं, सही कहते हैं। आइये जानते हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के हालिया भाषण और लेख इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि कई मुस्लिम संगठनों ने उनके बयानों की आलोचना की है, वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी उनके समर्थन में उतर आए हैं। मौलाना ने कहा कि आरएसएस भारत का सबसे बड़ा संगठन है और अब तक किसी भी धर्म या समुदाय का इतना बड़ा संगठन अस्तित्व में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख ने हमेशा समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाली बातें की हैं।


मौलाना रजवी ने भागवत के उन बयानों की जमकर सराहना की है। दरअसल भागवत ने कहा था कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर मत खोजो और हर जगह शिवलिंग मत तलाशो। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब सभी लोग मिलजुलकर साथ चलेंगे तभी देश प्रगति करेगा। इस पर मौलाना ने कहा कि भागवत की सोच समाज को जोड़ने वाली है। उनका यह संदेश हिंदू-मुस्लिम तनाव को कम करने और भाईचारे को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा।


मौलाना ने यह भी कहा कि समाज में ऐसे कई संगठन मौजूद हैं जो उपद्रव फैलाते रहते हैं। आपसी टकराव और नफरत से न तो कोई व्यक्ति आगे बढ़ सकता है और न ही समाज और देश तरक्की कर सकता है। तरक्की के लिए जरूरी है कि सभी समुदायों के लोग मिलकर शांति और सौहार्द के साथ जीवन व्यतीत करें। उन्होंने माना कि भागवत की सकारात्मक सोच लोगों को यह समझाने में मददगार होगी कि नफरत की राह छोड़कर आपसी सहयोग और भाईचारे की राह अपनानी होगी।


मौलाना ने हाल के वर्षों की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दो सालों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मस्जिदों, मदरसों, मकबरों और मजारों जैसे धार्मिक स्थलों को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। इन घटनाओं के कारण कई बार हालात तनावपूर्ण हो गए और सरकारों को हस्तक्षेप करना पड़ा। मौलाना ने कहा कि संघ प्रमुख के प्रयासों और उनके बयानों से अब मुसलमानों के बीच यह उम्मीद जगी है कि देश में असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगेगी और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनेगा।


मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अंत में कहा कि संघ प्रमुख की यह सोच पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। अगर सभी लोग इसे गंभीरता से लें और भाईचारे के साथ आगे बढ़ें, तो भारत न केवल धार्मिक सौहार्द का उदाहरण बनेगा बल्कि विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचेगा।


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