भोजन की आस लगाए बैठे परिवारों को मिले राशन के पैकेट तो खिल उठे चेहरे

Curated By: editor1 | Hindi Now Uttar Pradesh • 10 Aug 2025, 05:32 pm
news-banner
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में रविवार को जल शक्ति मंत्री रामकेश निषाद ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की। यह सामग्री पाकर पीड़ित परिवारों के चेहरे खिल उठे। मंत्री ने कहा कि किसी को भी कोई परेशानी नहीं होने पाएगी।

फतेहपुर जनपद के ललौली कस्बा स्थित बाढ़ राहत शिविर में रविवार को जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने 60 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री बाढ़ राहत सामग्री वितरित की। खाने-पीने का सामान पाकर पीड़ित परिवारों के चेहरे खिल उठे। मंत्री ने शिविर में मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार हर बाढ़ पीड़ित तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राहत कार्य लगातार जारी है।


गौरतलब है कि हाल ही में यमुना नदी में आई बाढ़ से ललौली कस्बा और आसपास के कई इलाके प्रभावित हुए थे। यहां ललौली इंटर कॉलेज को राहत शिविर बनाया गया है, जहां पीड़ित परिवारों को रखा गया है। यहां उनके भोजन-पानी समेत पशुओं को चारे की सुविधा दी जा रही है। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने पहले ही लोगों को सचेत किया और बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी। उन्होंने अधिकारियों को नदी के कटान वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर इलाज उपलब्ध करा रही हैं। फतेहपुर जनपद के सभी प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।


रपटा पुल पार करते समय दो युवक रपटे, ग्रामीणों ने बचाई जान

जौनपुर में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं और पीली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच रपटा पुल पार करते समय बाइक सवार दो युवक तेज जल बहाव में गिर पड़े। हादसे के दौरान वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत नदी में कूदकर दोनों की जान बचाई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि पुल पर पानी का बहाव तेज होने के बावजूद युवक जोखिम उठाकर पार करने की कोशिश कर रहे थे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि उफनाई नदियों और जलमग्न पुलों से गुजरने से बचें, ताकि किसी भी हादसे से बचा जा सके। यह मामला जौनपुर के पीली नदी पर रपटा पुल का है।


बलिया में बाढ़, 100 से अधिक गांव डूबे

बलिया में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। यहां अब तक 110 गांव प्रभावित हो चुके हैं। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि गंगा नदी खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर ऊपर और घाघरा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अब तक 1 लाख से अधिक खाने के पैकेट और 7750 राशन किट बाढ़ पीड़ितों में बांटी गई हैं। सभी प्रभावित लोगों को पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं का टीकाकरण कराया जा रहा है और स्वास्थ्य टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। बाढ़ राहत कार्यों के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था की गई है, जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं। मंत्री भी हालात का जायजा लेने के लिए दौरे कर रहे हैं।


यह भी पढ़ें- भीषण बाढ़ के बीच नाव से बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, जिसने देखा हर कोई दंग!

advertisement image