फतेहपुर मंदिर-मस्जिद विवाद पर आनें लगीं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, जानें कौन क्या बोला?

Curated By: editor1 | Hindi Now Uttar Pradesh • 12 Aug 2025, 12:47 pm
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मंदिर-मस्जिद विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कांग्रेस नेता इमराम मसूद ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है। इसी तरह अखिलेश यादव और मायावती ने भी बीजेपी पर बवाल का ठीकरा फोड़ा है। आइये पूरा मामला जानते हैं।

फतेहपुर के आबूनगर रेडैइया स्थित नवाब अब्दुल समद के मकबरे में हुई तोड़फोड़ और पथराव के मामले में पुलिस ने 160 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन ने एहतियातन मकबरे के आसपास एक किलोमीटर का दायरा बैरिकेडिंग करके पूरी तरह सील कर दिया है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए रातभर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अब इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। राजनेता पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहे हैं। 


मुसलमान बवाल करते तो पुलिस सीने में गोली मारती

अमरोहा से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में साफ तौर पर हिंसा नजर आ रही है, फिर भी पुलिस ने बीजेपी जिला अध्यक्ष और हिंदुत्ववादी संगठनों के नेताओं पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि उन पर एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अगर उपद्रव करने वाले मुसलमान होते, तो पुलिस उनके सीने पर गोली चला देती। इमरान मसूद का कहना है कि हिंसा और तोड़फोड़ के बाद अब सौहार्द की बात करना दोहरा रवैया है। उन्होंने अपील की कि समाज में नफरत फैलाने से बचें, क्योंकि इसका नुकसान आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। इस तरह की राजनीति से केवल समाज में विभाजन होगा।


बीजेपी खुद करवा रही बवाल: सपा मुखिया

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फतेहपुर की यह घटना बीजेपी के तेजी से खत्म होते जनाधार की निशानी है। जब भी बीजेपी और उनके सहयोगियों की पोल खुलने लगती है तो वे सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब उनकी चाल समझ चुकी है और न तो इन घटनाओं में फंसेगी, न ही भटकेगी। अखिलेश ने व्यंग्य करते हुए पूछा कि दोषियों की पहचान लखनऊ के ड्रोन करेंगे या दिल्ली के ड्रोन से।


सरकार के लिए गंभीर चेतावनी: बसपा प्रमुख

बसपा प्रमुख मायावती ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ लिखा कि फतेहपुर में मकबरा और मंदिर को लेकर चल रहा विवाद सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को ऐसा कदम उठाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए, जिससे साम्प्रदायिक तनाव फैले या आपसी भाईचारा बिगड़े। मायावती ने सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक होने पर सख्त कदम उठाए जाएं।

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