खौफनाक मौत: पहले घोंटा गला, फिर काटी कलाई, मन नहीं भरा तो बांका से.. मामला जान हिल जाएंगे आप

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 12 Jul 2025, 05:00 pm
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले ले एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी को खौफनाक मौत दी है। मामला जानकर आप दंग रह जाएंगे। आइये खबर में पूरा केस जानते हैं।

फतेहपुर जनपद के बकेवर थाना क्षेत्र में रिंद नदी के किनारे मिले नरकंकाल के रहस्य से पर्दा उठ गया है। यह सनसनीखेज मामला एक प्रेम-प्रसंग से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि है मृतक राहुल पटेल कसियापुर का रहने वाला था। सरिता नाम की एक महिला से उसके प्रेम संबंध थे। सरिता कुछ वर्षों तक राहुल के गांव में किराये पर रह रही थी और वहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। जब यह बात सरिता के पति रामभवन को पता चली तो उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर राहुल की हत्या की साजिश रची।


पुलिस के मुताबिक रात में राहुल को बहाने से घर बुलाया गया। वहां पहले रस्सी से उसका गला घोंटा गया। फिर बांका से सिर को धड़ से अलग कर दिया गया। हत्या के बाद हाथ की कलाइयों को भी काट दिया गया और पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर पेट्रोल डालकर जला दिया गया। इसके बाद शव को रिंद नदी किनारे फेंक दिया गया। इतना ही नहीं राहुल की बाइक को आरी से काटकर झाड़ियों में छिपा दिया गया। पुलिस ने जब कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड की जांच की तो सरिता और राहुल के बीच लगातार बातचीत का खुलासा हुआ, जिससे पूरे मामले की कड़ियां जुड़ीं। पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी, बांका, आरी, बाइक के कटे हुए हिस्से, टूटा मोबाइल, बेल्ट और अन्य साक्ष्य बरामद हुए हैं। यह खौफनाक वारदात इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।


नाबालिग से गैंगरेप के दोषी को उम्रकैद

गाजीपुर जिले में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। न्यायाधीश रामअवतार प्रसाद की अदालत ने दो आरोपियों में से एक को आजीवन कारावास और दूसरे को 20 साल की सजा सुनाई है। यह घटना 12 अगस्त 2018 की है, जब दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की को पवन राजभर और राजू राजभर ने शादी का झांसा देकर अपने घर बुलाया था। रात के समय दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंची और परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। उसकी मां ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और बयान न्यायालय में दर्ज किए गए। पुलिस ने मामले की जांच कर 19 अप्रैल 2019 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पवन राजभर को आजीवन कारावास के साथ 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि राजू राजभर को 20 वर्ष की सजा और 30 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपियों द्वारा लगाए गए जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए। 

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