अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और सपाइयों का फूटा गुस्सा, फिर जो हुआ!

Curated By: editor1 | Hindi Now Uttar Pradesh • 12 Aug 2025, 05:54 pm
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दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद सपाइयों का गुस्सा फूट पड़ा है। वह अलग-अलग जिलों में उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जिलों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोंकझोंक हुई है। आइये पूरा मामला जान लेते हैं।

अखिलेश की गिरफ्तारी के खिलाफ सपाइयों ने फूंका चुनाव आयोग का पुतला
निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर सपाइयों में नाराजगी है। इसको लेकर उन्होंने सड़कों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रयागराज में मंगलवार को सपा नेता संदीप यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस में चुनाव आयोग का पुतला फूंका और जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान पुतला छीनने की कोशिश पर पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शन करते हुए सपाइयों ने सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष गंगापार अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन, रविंद्र यादव एडवोकेट, संदीप यादव पूर्व प्रत्याशी, दान बहादुर मधुर, राम अवध पाल, आरएन यादव व अमित मुलायम समेत कई नेता मौजूद रहे।


सपाइयों से पुलिस की नोकझोंक, हिरासत में लिए गए कई नेता

मऊ में गाजीपुर तिराहे पर सपा नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और छीना-झपटी हुई। सपा के प्रदेश सचिव हाजी इरफान की गाड़ी से चुनाव आयोग का पुतला निकाला गया, जिसे जलाने की तैयारी थी। पुलिस ने पुतला छीनने का प्रयास किया तो नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और अराजकता फैलने लगी। पुलिस ने दो दर्जन से अधिक सपा नेताओं को हिरासत में ले लिया और कई को घसीटकर गाड़ियों में बैठाया। सीओ अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि सपा कार्यकर्ता शहर में अराजक माहौल पैदा कर रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई।


फतेहपुर में मकबरे में तोड़फोड़ के खिलाफ ज्ञापन

कांग्रेस ने नवाब अब्दुल समद मकबरे में हुई तोड़फोड़ और हंगामे के मामले में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के लचर रवैये पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि मकबरे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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