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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 31 Jul 2025, 11:41 am
सपा सांसद डिंपल यादव के मामले में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब किसी की शादी होती है तो 7 वचन निभाने का वादा किया जाता है। जब पत्नी पर संकट आता है तो पति का धर्म होता है कि वह उसका साथ दे, लेकिन अखिलेश यादव पति का धर्म नहीं निभा रहे हैं और पत्नी के साथ खड़े होने की बजाय वोट बैंक के साथ खड़े हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश मौलाना साजिद रशीदी के पक्ष में खड़े हैं, जबकि उन्हें डिंपल के सम्मान की रक्षा करनी चाहिए थी।
राजभर ने कहा कि एनडीए सरकार पूरी तरह से मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ है और महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि मानती है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर ने भी संविधान में नारी सम्मान को प्राथमिकता दी थी। राजभर ने सवाल उठाया कि अगर साजिद रशीदी इतने बड़े मौलाना हैं तो उन्हें यह बताना चाहिए कि किसी महिला को मस्जिद में कैसे प्रवेश करना चाहिए, न कि ऐसे विवादास्पद बयान देने चाहिए थे, जो समाज में तनाव पैदा करें। हालांकि मंत्री राजभर ने मौलाना रशीदी पर हुए हमले को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में कानून का राज है। किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि हिंसा किसी भी स्थिति में जायज नहीं ठहराई जा सकती।
सपा नेता में मौलाना को मंच पर ही पीटा, जड़े थप्पड़
दरअसल मौलाना साजिद रशीदी ने सपा सांसद डिंपल यादव को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद मामला गरमा गया। मंगलवार को वह नोएडा के एक न्यूज चैनल के लाइव डिबेट में पहुंचे थे, जहां सपा नेता कुलदीप भाटी ने उन्हें मंच पर ही कई थप्पड़ मार दिए। इसके बाद मौलाना ने थाना सेक्टर-126 में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। दूसरी ओर चैनल प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मौलाना साजिद रशीदी, श्याम सिंह, मोहित नागर और कुलदीप भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस पूरे विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बड़ी हलचल मचा दी है।
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